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दिवाली की तैयारी के लिए बोनस निकालने गया था बैंक, पहुंचा तो पता चला निकल चुका था किसान का दिवाला

किसानों की राशि को बैंक से निकाल ले गया अज्ञात, नानगुर के दो किसानों के खाते से निकाले 54000 किसानों ने रुपए वापस दिलाने से प्रशासन से की मांग

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निकल चुका था किसान का दिवाला

जगदलपुर . नानगुर के दो किसानों के खाते से धान बोनस की मिली राशि को अवैध तरीके से निकाले जाने का मामला सामने आया है। जगदलपुर विकासखंड के ग्राम नानगुर में रहने वाले दोनो किसानों ने इसकी शिकायत जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में करते हुए अपनी राशि वापस दिलाने व जांच की मांग की है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 13 अक्टूबर को हाताग्राउंड से बस्तर के 1602 किसानों को 25.69 करोड़ बोनस राशि की सौगात दी थी।

किसी अज्ञात व्यक्ति ने निकाल लिया है
साल भर बाद दीपावली से पूर्व बोनस राशि मिलने से किसानों को राहत मिली। लेकिन नानगुर में रहने वाले किसान बुधराम और चमरु को यह खुशी नसीब नहीं हो सकी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक पहुंचकर फर्जी तरीेके से इनके खाते से राशि निकाल लिया। दोनो किसान जब 23 अक्टूबर को शहर के जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित बैंक में धान बोनस की राशि निकालने पहुंचे। तब बैंक के कर्मचारी ने जानकारी दी कि बुधराम के खाते से 15 हजार और चमरु के खाते से 39 हजार रुपए 16 अक्टूबर को ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने निकाल लिया है। यह सुनकर ही उनके होश उड़े गए। दोनों किसानों नें अपने बैंक खाता का स्टेटमेंट निकाला तो बात सच साबित हुई। इसके बाद किसान बुधूराम और चमरु बोनस राशि वापस दिलाने की मांग करते हुए सोमवार को कलक्टरोट आवेदन देने पहुंचे थे।

किसानों ने की जांच की मांग
बुधराम और चमरु ने आरोप लगाते हुए कहा है कि, बिना बैंक खाता और फोटो की पहचान करते हुए किसी अज्ञात व्यक्ति को बोनस की राशि किस आधार पर दे दी गई, इसकी जांच की जाए। साथ ही अज्ञात व्यक्ति का पता लगाकर उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। जानकार व्यक्ति ने ही निकाली राशि

बैंक का खाता नंबर और हस्ताक्षर की भी जानकारी
जिस व्यक्ति ने खाते में से राशि निकाली है, वह इन दोनों किसानों को अच्छी तरह से जानता है। यहां तक की बैंक का खाता नंबर और हस्ताक्षर की भी जानकारी है। जिसके जरिए वह बैंक में धोखाधड़ी करते हुए बैंक कर्मचारियों को गुमराह करने में कामयाब हो गया।

सीसीटीवी फुटेज से उसका पता लगाया जाएगा
सीबीएस के नोडल अधिकारी नीलांबर पाणीग्राही ने बताया कि बैंक खाता व फोटो से पहचान करने के बाद ही किसानों को राशि देने के निर्देश हैं। यदि किसानों के खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति ने राशि निकाली है तो सीसीटीवी फुटेज से उसका पता लगाया जाएगा।

दोषी व्यक्ति का पता लगाया जाएगा
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित डीएमओ आरबी सिंह ने बताया कि अब तक लिखित शिकायत नहीं आई है। शिकायत के बाद ही जांच की जाएगी और दोषी व्यक्ति का पता लगाया जाएगा।

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