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दरभा-कोलेंग मार्ग में अड़चन, सैकड़ों नाराज ग्रामीणों ने किया घेराव, चढ़ा सियासी रंग

कांग्रेस ने किया नेतृत्व, कांगेर घाटी डायरेक्टर को बताई दिक्कत। 24 किमी की बननी है सड़क। आश्वासन के बाद टला प्रदर्शन।

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कांगेर घाटी संचालक कार्यालय का दफ्तर का किया घेराव

कांगेर घाटी संचालक कार्यालय का दफ्तर का किया घेराव

जगदलपुर . दरभा से कोलेंग तक निर्माणाधीन प्रधानमंत्री ग्राम सड़़क योजना की सड़क के निर्माण को वन अधिनियम का हवाला देकर रोका जाना ग्रामीणों को नागवार गुजरा। इस बात को लेकर कोलेंग इलाके के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को कांगेर घाटी संचालक कार्यालय का दफ्तर का घेराव कर डाला। वृंदावन कालोनी स्थित कांगेर घाटी संचालक के दफ्तर पहुंचे इन ग्रामीणों का नेतृत्व कांग्रेसियों ने सभाला था। ग्रामीणों का कहना था कि 24 किमी लंबी यह सड़क बन जाने से उनकी जिंदगी सरल हो जाएगी। वे सड़क मार्ग से शहर जल्द पहुंच जाएंगे। कई सालों की मांग के बाद पीएमजीएसवाय की इस सड़क के बनने की राह खुली तो अब विभाग इसमें रोड़ा अटका रहा है।

आधा काम पूरा
बताया जा रहा है कि इसमें से 10 से 12 किमी के रास्ते का काम पूरा हो गया है। इस बीच वन अमले ने ठेकेदार व ग्रामीणों को वन अधिनियम का हवाला देते काम रोकने कहा है। तीन से चार दिनों बाद भी इस बात का कोई हल नहीं निकला तो वे यहां पहुंचे हैं।

चढ़ा सियासी रंग
इस बीच इस मामले ने राजनैतिक रंग ले लिया। पहले तो भाजपा के मनीष पारख अपने समर्थकों के साथ यहां पहुंचे थे। वे डायरेक्टर दिव्या गौतम से चर्चा कर ही रहे थे कि कांग्रेसी नेता रेखचंद जैन भी कार्यालय पहुंचे व बाहर ही नारेबाजी करने लगे। वे तथा उनके साथ मौजूद लोगों ने डायरेक्टर गौतम को बाहर आने पर चर्चा करने की बात कही। कुछ देर बाद दिव्या गौतम वहां आईं उन्होंने कहा कि इस मामले मे ठेकेदार की लापरवाही की शिकायत आ रही थी। उसे बार बार समझाइश के बाद भी गुणवत्ता नहीं सुधारने पर काम रोकने कहा गया था।

काम जल्द शुरू करने आश्वासन दिया
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्होंने इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने व काम जल्द शुरू करने आश्वासन दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने का सीधा फायदा कोलेंग, चचालगुर, दरभा, छिंदगढ़ के ग्रामीणों को मिलेगा। पार्क प्रबंधन की हठधर्मिता की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने इस मसले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने विभाग को कहा है।