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लाल सलाम ! पुलिस को मिला गोंडी में लिखा यह आखिरी खत, मिशन 2018 का है जिक्र

दुश्मन की पॉलिसी व मानसिक युद्ध से लडऩी होगी लड़ाई, मृत माओवादी कमाण्डर ज्योति की चिट्ठी हुई बरामद। गोंडी में कामरेड जुगनु को खत।

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लाल सलाम ! ढेर महिला कमांडर का गोंडी में लिखे इस चिट्ठी में है मिशन 2018 का जिक्र

लाल सलाम ! ढेर महिला कमांडर का गोंडी में लिखे इस चिट्ठी में है मिशन 2018 का जिक्र

लाल सलाम ! ढेर महिला कमांडर का गोंडी में लिखे इस चिट्ठी में है मिशन 2018 का जिक्र, पढ़ें खबर

नारायणपुर . इरपानार मुठभेड में मृत महिला माओवादी कमाण्डर ज्योति के कॉमरेड जुगनू चाचा को लिखे गए आखिरी चिट्टी को पुलिस ने बरामद किया है। बीते सप्ताह 7 नवंबर को मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की सर्चिंग में मिले सामानों में यह चिट्ठी भी मिली है। इसमें ज्योति ने मिशन 2018 को जीतने की बातों का उल्लेख कर पुराने विरासत में नए समाज का निर्माण करने की याद कॉमरेड जुगनू चाचा को दिलाई है। इस चिट्ठी में बदलती परिस्थिति में पुलिस के आत्मसमपर्ण की पॉलिसी व मानसिक युद्ध से निपटते हुए दुश्मन के खिलाफ लड़ाई को जारी रखने की बात कही गई है।

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मुठभेड़ में ढेर महिला कमांडर का आखिरी खत
यह पत्र 22 अक्टूबर 2017 को गोंडी भाषा में लिखा गया। इसे मृत महिला माओवादी ज्योति की आखरी चिट्ठी मानी जा रही है। इसमें मृत माओवादी ज्योति के भाई प्रेम के जेल से छुटने की बात लिखी है।

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ये है मृत महिला कमांडर की हिस्ट्री
मृत महिला माओवादी कमाण्डर ज्योति मूलत: राजनांदगांव जिले के सीतागांव थाना क्षेत्र के पीरेमेटा गांव की है। माओवादी संगठन में उसे ज्योति नाम से जाना जाता था। असल नाम रूकमी उर्फ प्रमिला गावड़े पिता मानसाय गावड़े है। मानपुर ब्लॉक के कंदाडी गांव में प्राथमिक स्तर में पाचंवी तक की शिक्षा ग्रहण की थी।

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13 साल पहले माओवादी संगठन में हुई शामिल
माओवादी कमांडर विजय के कहने पर 13 साल पहले माओवादी संगठन में शामिल हुई। इसके तीन साल बाद वह परिजन से मिलने एक बार 12 घंटे के लिए पहुंची थी। हाथ में इंसास राइफल व 6 हथियारबंद माओवादी मौजुद थे। उसके तीन भाई व एक बहन है, जो गांव में रहकर खेती किसानी का काम करते है।

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