रथ यात्रा निकाली, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब/नगर भ्रमण कर बांके बिहारी मन्दिर स्थित ननिहाल पहुंचे भगवान जगन्नाथ

रथ यात्रा निकाली, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
नगर भ्रमण कर बांके बिहारी मन्दिर स्थित ननिहाल पहुंचे भगवान जगन्नाथ, भक्तों ने उतारी आरती, किया जगह जगह फूलों से स्वागत

By: sunil jain

Published: 04 Jul 2019, 08:07 PM IST


पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ब्यावर. जगन्नाथ रथ यात्रा समिति के तत्वाधान में गुरूवार को भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथयात्रा के माध्यम से शहर के प्रमुख मार्गो से भ्रमण करते हुए भक्तो के द्वार बांके बिहारी मन्दिर स्थित ननिहाल तक पहुंचेे। इस दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। जगह जगह भक्तों ने आरती उतारी व फूलों से स्वागत किया। जगन्नाथ रथ यात्रा समिति के प्रमुख विजय तंवर ने बताया कि गोपालजी मौहल्ला स्थित प्राचीन राधे गोपालजी मन्दिर से पुरी के कारीगरो की ओर से निर्मित नन्दीघोप रथ में भगवान जगन्नाथ अपने अलौकिक दिव्य शृंगार के साथ विराजमान हुए तो भक्तों ने जगन्नाथ की जय जयकार से ब्यावर की धरा पर ही जगन्नाथपुरी में होने का भान करा दिया।

 

ठाकुुरजी का रथ जो कि प्राकृतिक फूलों की मालाओ, वृक्षो एवं लताओ की पत्तियो व टहनियो से श्रृगांरित रथ की साज सज्जा, गुम्बद एवं ध्वजा की छटा देखते ही बन रही थी। रथ के आगे चार घोडे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के प्रतीक रूप में सुसज्जित थे। रथयात्रा प्रारम्भ होने से पहले सभापति बबीता चौहान एवं पूर्व सभापति शशिबाला सोंलकी ने प्रारम्परिक रूप से निभाई जाने वाली चेरा पोरी की रस्म का निर्वाहन किया। रथयात्रा में बैण्ड बाजे, ढोल नगाडे एवं शहनाई की मधुर धुनों के साथ विभिन्न महिला मण्डल, प्रभात फेरी के सदस्य भजन गायको के साथ संकीर्तन करते हुए ठाकुर को रिझाते हुए चल रहे थे। शहर के मुख्य मार्गो में रथयात्रा का विभिन्न स्थानो पर श्रद्वालुओ द्वारा आरती उतारकर एवं पुष्पवर्पा करके स्वागत किया गया। अनेक स्थानो श्रद्वालुओ ने शीतल जल पिलाकर एवं फलो का प्रसाद वितरित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। रथयात्रा मेें पुरुष श्रद्वालु श्वेत कुर्ते पायजामें एवं महिला श्रद्वालु पीली बांसतिक पोषाक पहनकर प्रभु जगन्नाथ की जयकार कर रहे थे।

 

रथयात्रा का संचालन माणक डाणी, नवल मुरारका, बुधराज शर्मा, गोपाल वर्मा एवं प. मुकुन्दशरण दाधिच ने किया। अमित बंसल,रमेश शर्मा, नरेन्द्र झंवर,अमरीश आर्य, कालूराम महावर, राजकुमार टांक,बालकिशन सोनी, सुरेन्द्र गोयल, सुनील फतेहपुरिया, बृजराज वर्मा, सुनील तेजाबवाला, गोपाल हेडा, रामराज गर्ग, सहित सुमित्रा जैथल्या,कौशल्या फतेहपुरिया,कुसुम डाणी, सुलेखा झा, सुनिता यादव,कविता शर्मा, शोभा चौटिया, सुगनां तंवर, राजबाला शर्मा, सोनी मिश्रा, चंचल सोनी, शालिनी शर्मा, पुष्पा अरोडा हेमलता शर्मा, मधु डाणी, सीमा अरडका, पार्वती गोयल, प्रियंका चर्तुवेदी व शकुन्तला डाणी सहित अनेकों भक्तो ने रथ को खीचने में सहयोग किया।

 

बांके बिहारी मन्दिर में हुए कार्यक्रम
रथ मे विराजित प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण करते हुए शाम को बांकेबिहारी मन्दिर अपने ननिहाल पहुंचे। ठाकुरजी के रथ के मन्दिर में प्रवेश करने पर 21 कन्याओ ने मंगलकलश धारण करके अगवानी की। प.ं मुकुन्द शरण दाधिच के सानिध्य में 5 विप्रजनो की ओर से मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया व आरती उतारी गई। इस अवसर पर बॉकेबिहारी मन्दिर के ट्रस्टी माणक डाणी, नेमीचंद सर्राफ, महेन्द्र सलेमाबादी, सुरेश रायपुरिया, राधेश्याम डाणी एवं कान्तिलाल डाणी, अविनाश गर्ग एवं उत्सव समिति के सदस्यो ने भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया। प. जितेन्द्र दाधिच ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा को बांंकेबिहारी मन्दिर में निर्मित विशेष श्रृगांरित कक्ष में विराजमान कराया। यहां ठाकुरजी अपने ननिहाल में नौ दिवस तक विश्राम करेगे।

 

होगा नयनाभिराम शृंगार
नौ दिवसिय उत्सव में प्रसंग के अनुसार ठाकुरजी का अलग अलग प्रकार से नयनाभिराम शृंगार होगा। इसके लिए मोनू अरोडा, गोपाल अरोडा, नटवर अरोडा, महेश सिंहल की एक समिति बनाई है। प्रतिदिन आयोजित होने वाले उत्सव के पश्चात चावल से निर्मित विभिन्न प्रकार के व्यंजनो का प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके लिए गोविन्द किशोर गोयल, श्यामसुन्दर अग्रवाल, राधेष्याम डाणी एवं कान्तिलाल डाणी, सतीष गर्ग को नियुक्त किया गया है।

 

जन्मोत्सव एवं नन्द महोत्सव आज
बांके बिहारी मन्दिर में शुक्रवार को ठाकुरजी का जन्मोत्सव एवं नन्द उत्सव मनाया जायेगा। जानकी मण्डल की कुसुम डाणी ने बताया कि मण्डल प्रमुख कविता गर्ग, पार्वती गोयल,सुनीता यादव,गंगा गर्ग, हेमलता शर्मा आदि भजनो की प्रस्तुति देगी। जन्मोत्सव में कन्हैया के बालरूप की झांकी सजाई जाएगी एवं नन्द महोत्सव के दौरान मन्दिर परिसर को गुब्बारो से सजाया जाएगा एवं राधा कृप्ण की सजीव झांकिया बनाई जाएगी। महोत्सव के दौरान खिलौने, माणक मोती एवं मुद्रा स्वरूप बधाईयां वितरित की जाए। माखन मिश्री का प्रसाद दही हांडी के प्रसंग के दौरान वितरित होगा।

(कासं)

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