
Dried river Tapti
मुलताई. इस वर्ष मार्च माह के प्रथम सप्ताह में ही ताप्ती सरोवर सूखने लगा है इसके साथ ही आगे प्रवाह मार्ग पर ताप्ती पूरी तरह सूख गई है। पूर्व में जहां फरवरी-मार्च तक ताप्ती का मुलताई से आगे प्रवाह बना रहता था वहीं अब मुलताई के आगे ताप्ती नदी में थोड़ा बहुत पानी नजर आ रहा है। विगत वर्ष ताप्ती नदी पर जगह-जगह बैराज बनाने की स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा घोषणा की गई थी, लेकिन एक वर्ष बाद भी बैराज बनने की घोषणा पर अमल नहीं हो सका है। मुलताई से सांडिया होते हुए आगे की यात्रा करने वाली ताप्ती मार्च में पूरी तरह से सूख चुकी है। पहले जहां कभी अपै्रल तक पानी से लबालब रहने वाली ताप्ती पूरे सांडिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जल व्यवस्था का मूल आधार हुआ करती थी वही ताप्ती सांडिया में ही पूरी तरह से सूख चुकी है।
पानी के लिए होना पड़ेगा परेशान
नगर में भी ताप्ती सरोवर जल आवक मार्ग की ओर से सूखना शुरू हो गया है। दुर्गा मठ की ओर का मां ताप्ती सरोवर का कोना सूख गया है, जिससे ताप्ती का तल नजर आने लगा है। नगर के समाजसेवियों ने ताप्ती को सूखने से बचाने के लिए तीन महीने से लगातार सरोवर में पानी के टैंकर डालने का क्रम शुरू किया था। गर्मी के तीन महीने निकालना है, ऐसे में पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ेगा।
जल संरक्षण के लिए कोई पहल नहीं
ताप्ती जल के संरक्षण को लेकर अभी तक नेताओं ने भी घोषणा ही की है उस पर अमल नहीं किया। स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने भी ताप्ती संरक्षण के लिए कोई भी पहल नहीं गई है। हर साल गर्मी में ताप्ती के सरंक्षण को लेकर आवाज उठती हैे, अभियान चलते है, लेकिन सब दिखावे साबित होते है।
इनका कहना
ताप्ती नदी पर बैराज बनाने की पिछले वर्ष जनप्रतिनिधियों द्वारा घोषणा की गई थी जो सिर्फ घोषणा ही रही, अभी तक इसे अमल में नही लाया गया जिससे ताप्ती हर वर्ष और अधिक सुखते जा रही है।
रामदासदेशमुख, वरिष्ठ नागरिक मुलताई
मैं हर साल ताप्ती के सौंदर्य को निहारने के लिए अपने परिवार के साथ सांडिया जाती थी, लेकिन पिछले तीन सालों से सांडिया में ताप्ती मार्च में ही सूख जाती है। ताप्ती के संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
सुनंदा सोनी, मुलताई निवासी
ताप्ती को बचाने सभी को एकजुट होना होगा। दलगत भावना से उपर उठकर ताप्ती के लिए सभी को काम करने और आवाज उठाने की आवश्कता है, वरना हमेशा की तरह इस बार भी ताप्ती के साथ भेदभाव होगा।
राजू पाटनकर, मुलताई निवासी
Published on:
16 Mar 2018 11:23 am
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