जनसुनवाई में युवती ने अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी, पूछा-आखिर कब तक चलेगी जांच...
बैतूल. 6 महीने से घुमा रहे हो, आज हो जाएगा, जल्द हो जाएगा, जांच चल रही है। सभी के पास शिकायत कर चुकी हूं लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। ये शब्द उस युवती के हैं जो बीते 6 महीनों से अपने अधिकार के लिए अफसरों के चक्कर काट रही है। मंगलवार को जब वो जनसुनवाई में पहुंची तो फिर से रटा रटाया जवाब सुनकर कुछ इस कदर भड़की की अफसरों पर सवालों की बौछार कर दी। युवती के सवाल ऐसे थे कि अफसर भी मौन रह गए और युवती खरी-खोटी सुनाती रही। मामला बैतूल का है जहां युवती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति में भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। हालांकि युवती की बात सुनने के बाद अधिकारियों ने उसे चार दिन में समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है।
ये है पूरा मामला
पूरा मामला इस तरह है कि बैतूल जिले में चल रही जनसुनवाई में चिचोली जनपद के मोतीपुर गांव की रहने वाली अंकिता नागले अपने गांव में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत करने पहुंची थी। अंकिता महिला बाल विकास विभाग अधिकारी गौतम अधिकारी के पास पहुंची। अंकिता ने अधिकारी के सामने अपनी समस्या रखी जिस पर अधिकारी ने उससे कहा कि जांच चल रही है, हो जाएगा। इस पर अंकिता भड़क गई और जनसुनवाई में ही हंगामा कर दिया। अंकिता ने कहा कि मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, मैं कागज लेकर घूम रही हूं, मेरी नियुक्ति नहीं हो रही है। अंकिता जोर-जोर से चिल्लाने लगी। अंकिता के चिल्लाने पर अफसर गौतम अधइकारी ने उससे कहा कि बद्तमीजी से बात कर रही हो। इस पर अंकिता ने कहा कि हां मैं बद्तमीज हूं, मुझे मेरा अधिकार चाहिए। इतना कहकर अंकिता ने अधिकारी के टेबल पर जोर से हाथ तक पटक दिया। अंकिता का हंगामा देखकर जनसुनवाई में बैठे अन्य अधिकारी और शिकायत करने आए लोग हैरान रह गए। हंगामा सुनकर एडीएम श्यामेन्द्र जायसवाल पहुंचे और उन्होंने अंकित की पूरी बात सुनी। जिसके बाद महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी से जानकारी ली और अंकिता को चार दिन में समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
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पहले स्थान से किया पांचवें नंबर पर
शिकायत लेकर पहुंची अंकिता का कहना है कि मोतीपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती निकली थी। जनवरी 2022 में उसका उसमें चयन हुआ था। चयन प्रक्रिया में समिति ने उसे पहले स्थान पर बताया था और अनिता पति नवीन का पांचवा स्थान बताया था। लेकिन बाद में अनिता को पहले स्थान पर बताकर आदेश जारी कर दिया। अंकिता ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में पांचवा स्थान प्राप्त करने वाली अनिता को अधिकारी पदस्थ कर रहे हैं। उसने ये भी बताया कि जिस अनिता को नियुक्ति दी जा रही है उसका नाम भर्ती प्रक्रिया के समय मोतीपुर में नहीं था। गरीबी रेखा में भी नाम नहीं था। समग्र आइडी में इटारसी के पाहनबर्री में नाम था। शादी होने के बाद वह मोतीपुर आ गई और नाम जोड़ लिया। अंकिता ने बताया नियुक्ति के लिए उसी ग्राम का निवासी होना अनिवार्य है। अधिसूचना के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी करना निराधार है।
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