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जब लॉकडाउन में पुलिस बनी देवदूत 1800 फीट ऊंची पहाड़ी पर कंधे में राशन लेकर चढ़े यौद्धा

गांव के लोगों को पुलिस ने राशन पहुंचाकर मदद पहुंचाई।

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बेतुल

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poonam soni

Apr 10, 2020

जब लॉकडाउन में पुलिस बनी देवदूत 1800 फीट ऊंची पहाड़ी पर कंधे में राशन लेकर चढ़े यौद्धा

जब लॉकडाउन में पुलिस बनी देवदूत 1800 फीट ऊंची पहाड़ी पर कंधे में राशन लेकर चढ़े यौद्धा

बैतूल। लॉकडाउन के चलते पुलिस, डॉक्टर, समाज सेवी सभी लोग जनता के लिए देवदूत बनकर इस मुश्किल घड़ी में उतरे हैं। वहीं ऐसा ही नजारा देखने को मिला बैतूल के भंडारपानी में जहां लॉकडाउन के चलते 1800 फीट ऊंची दुर्गम पहाड़ी पर चढ़कर लोगो को खाना पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इन दिनों लोग राशन तक के लिए तरस रहे थे, जिनके लिए गुरुवार को स्थानीय पुलिसकर्मियों ने कंधों पर राहत लेकर पहुंचे। वह उनके लिए देवदूत की तरह थे। पथरीली पहाड़ी पर तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए जब ये पुलिस वाले यौद्धा गांव पहुंचे तो लोगों की आंखें खुशी से डबडबा गईं। प्रशासन के सहयोग से यह मदद पहुंचाई गई है।


पहाड़ी पर बसा गांव नहीं पहुंच रहा था राशन
पहाड़ी पर बसा गांव में राशन नहीं मिल रहा था। जिला प्रशासन ने मामले को लेकर संज्ञान लिया था। इसी बजह को लेकर ग्रामीणों के लिए भंडारपानी तक राहत सामग्री पहुंचाई। चोपन थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत ने बताया भंडारपानी गांव पहाड़ी पर बसा है, यहां के लोगों के पास अनाज नहीं होने की जानकारी मिली थी। पहाड़ी बैतूल और छिंदवाड़ा बॉर्डर पर है। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ग्रामीणों के लिए 100 किलो आटा, 50 किलो चावल, 50 किलो दाल, 20 किलो तेल व अन्य सामग्री पुलिसकर्मियों के सहयोग से दुर्गम पहाड़ी पर चलकर पहुंचाई।


स्वास्थ जांच की मांग की
लोगों से स्वास्थ्य जांच की मांग भी की है। बताया जा रहा है कि प्रशासन भंडारपानी में रहने वाले लोगो को समय समय पर सहयोग करेगा। वही इन ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें मजदूरी भी नहीं मिल पा रही थी। उनके लोग भी बाहर क्षेत्रों में फंसे होने के कारण नहीं आ पाए थे। न ही मदद पहुंच पा रही थी। इससे खाने पीने की समस्या पैदा हो रही थी । इस अनाज से राहत मिलेगी।

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