
The RPF assigned the child line.
बैतूल। छिंदवाड़ा से दिल्ली रोहिला सराय जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस में बुधवार को आरपीएफ ने ढ़ाई माह की मासूम बच्ची को बैतूल स्टेशन पर उतारा। बैतूल आरपीएफ स्टाफ को आमला से मैसेज प्राप्त हुआ था कि पातालकोट एक्सप्रेस के जनरल बोगी की सीट पर एक ढ़ाई माह की मासूस बच्ची रो रही है। मासूम के परिजनों की ट्रेन में नहीं होने की सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान ने ट्रेन के बैतूल पहुंचते ही बच्ची को बोगी से उतार लिया। जिस समय मासूम बच्ची को ट्रेन से उतारा उस समय वह बहुत रो रही थी।
महिला यात्री ने पिलाया दुध
आरपीएफ का जवान जब मासूम बच्ची को ट्रेन से उतारकर लाया, उस समय मासूम बहुत रो रही थी। बच्ची के रोने से पता चल रहा था कि बच्ची भूखी है। जब इस बात की जानकारी प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों को चली की ट्रेन में लावारिश अवस्था में कोई एक बच्ची को छोड़ गया है। बच्ची भूख से रो रही है, तो प्लेटफार्म नंबर एक बैठी एक महिला यात्री ने भूखे बच्चों को अपना दुध पिलाया तब जाकर बच्ची शांत हुई।
मामले की जानकारी आरपीएफ द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड लाइन की टीम को दी। चाइल्ड लाइन की टीम ने तुरंत ही स्टेशन पहुंचकर बच्ची को आरपीएफ से लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। आमला आरपीएफ थाना प्रभारी बीएस मीणा ने बताया कि आमला स्टेशन पर पातालकोट एक्सप्रेस के रवाना होने पर यात्रियों ने चेनपुलिंग कर ट्रेन को रोककर एक महिला द्वारा बच्ची छोड़े जाने की सूचना दी थी। सूचना मिलने पर बैतूल स्टेशन पर बच्ची को उतार कर चाइल्ड लाइन को सौंपा।
सदस्यों को नहीं नियमों की जानकारी
चाइल्ड लाइन के सदस्यों को नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण पूरे मामले को दबाने की कोशिश करते रहे। चाइल्ड लाइन के सदस्य मासूम को मीडिया के सामने लाने को तैयार नहीं थे। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी राधेश्याम वर्मा ने मासूम बच्ची को मीडिया के सामने लाने के निर्देश दिए।जिसके बाद में मामला शांत हो सका। घटना की सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के सदस्य इरशाद हिंदूस्तानी ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर ट्रेन में मिली मासूम के बारे में जानकारी प्राप्त की।
Published on:
10 Jan 2018 08:47 pm

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