इस खेल के बदले नियम, अब खिलाड़ी के साथ कोच और मैनेजर को मिलेगा Red व Yellow कार्ड, जानिए क्यों...

इस साल से फुटबॉल (Football के कानून बदल गए हैं। प्लेयर (Player) के साथ-साथ कोच (Coach) और मैनेजर (manager) को भी रेड (red card) और यलो कार्ड (Yellow Card) थमाया जाएगा। (Bhilai news)

By: Dakshi Sahu

Published: 07 Jul 2019, 12:25 PM IST

भिलाई. इस साल से फुटबॉल (Football के कानून बदल गए हैं। अब पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जिसमें प्लेयर (Player) के साथ-साथ कोच (Coach) और मैनेजर (manager) को भी रेड (red card) और यलो कार्ड (Yellow Card) थमाया जाएगा। अकसर ग्राउंड के टेक्निकल एरिया में कोच व मैनेजर बैठ कर अपने-अपने प्लेयर को प्रोत्साहित किया करते थे। इससे कई बार गाली-गलौच की स्थिति बन जाती थी। (Bhilai news)

रेड कार्ड (Red card) देकर कर देंगे ग्राउंड से बाहर
माहौल भी खराब होता था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब तक सिर्फ वार्निंग दे दी जाती थी, यलो कार्ड मिलता था, लेकिन नियम बदलने के साथ ही रेड कार्ड देकर ग्राउंड (Ground) से बाहर हो जाने का आदेश दिया जाएगा। इसी तरह यदि माहौल खराब करने में प्लेयर के साथ कोच भी जिम्मेदार रहा तो कोच को भी बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। फुटबॉल के बदले हुए नियमों के बारे में जानकारी देने शनिवार को प्रदेश फुटबॉल संघ के हेड रेफरी आरडी साव भिलाई पहुंचे।

शरदा स्कूल में रेफरियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर के 30 रेफरियों ने हिस्सा लिया। कानून बदलने की जानकारी के साथ उन्हें मैदान में रखे जाने वाले अनुशासन और संयम का पाठ भी पढ़ाया गया। (Bhilai news)

 

Football

फुटबॉल के नियम में यह हुए बदलाव

लॉ-3 - अभी तक प्लेयर बदले जाने की स्थिति में यलो कार्ड के साथ प्लेयर फील्ड में आया करता था, लेकिन नए नियम के तहत वह जहां खड़ा रहेगा, उसे वहीं से एंट्री मिल जाएगी।
लॉ-5 - यदि मैच फस्र्ट हाफ में खत्म हो गया, दोनों ही टीम ड्रेसिंग रूम में चली गई। जबकि अंदर जाने से पहले के शूट में रेफरी को संशय हुआ तो दोनों टीमों को वापस बुलाकर के मैच वहीं से दोबारा शुरू होगा, पहले ड्रेसिंग रूम में जाने के बाद उसे ही अंतिम निर्णय समझ लिया जाता था।
लॉ-7 - पहले कप्तान टॉस जीतता था, उसको कौन सा साइट में अटैक चाहिए बताता था, अब नए कानून से वह साइट और गेम स्टार्ट भी कर सकता है। किक ऑफ ले सकता है। उसे साइट चयन करने व किक का ऑप्शन मिलेगा।
लॉ-8- पहले रेफरी को लगकर गोल में बॉल चला जाए तो उसे गोल माना जाता था। अब रेफरी या असिस्टेंट रेफरी को बॉल टच होकर गोल हुआ तो उसे कैंसल मान के खेल दोबारा वहीं से शुरू होगा।
लॉ-8- पहले रेफरी को लगकर गोल में बॉल चला जाए तो उसे गोल माना जाता था। अब रेफरी या असिस्टेंट रेफरी को बॉल टच होकर गोल हुआ तो उसे कैंसल मान के खेल दोबारा वहीं से शुरू होगा।

लॉ- 15 - पैनाल्टी एरिया में गोल कीपर को छोड़कर कोई अन्य खड़ा नहीं रहेगा, बाकी सभी 4 मीटर दूरी पर रहेंगे। पहले कोई भी आकर किक ले सकता था, अब गोल कीपर के सामने ही ड्रॉप बॉल देना होगा।
लॉ-13 - पैनाल्टी एरिया के बाहर डिफेंडर ने फाउल किया, उसके साथ फ्री किक मिला। इस स्थिति में पहले दोनों ही टीमों के प्लेयर वॉल बनाया करते थे। 10 गज की दूरी थी। अब अटैकर टीम का कोई भी प्लेयर फील्ड में नहीं घूसेगा, सिर्फ डिफेंडर रहेंगे।

लॉ- 12 - पुराने नियम से यदि बॉल प्लेयर के हाथ में लगे तो उससे कोई फक्र नहीं पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा, नए नियम से इसे अलाऊ नहीं किया जाएगा। (Bhilai news)

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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