
भिलाई के नेता की सह पर पीडीएस चावल को महाराष्ट्र खपाने ले जा रहा था
भिलाई@Patrika.कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के बीच शासन की ओर से आवश्यक वस्तुओं से संबंधित दुकानों को खुलने के समय में छूट दी है। इसके बाद भी कई दुकान संचालकों और व्यापारियों द्वारा निर्धारित दर से अधिक दाम पर सामान बेचने की शिकायत आने लगी थी। इस बीच लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि आने वाले दिनों में अनाज सहित दहलन की कीमतें कम हो सकती है।
आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और ट्रांसपोर्टिंग में छूट
राज्य शासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और ट्रांसपोर्टिंग में छूट दी है। छूट के बाद कीमतों में कमी आएगी। ट्विनसिटी के अनाज, दलहन व्यापारियों और राइस मिलर्स ने पिछले दिनों कलेक्टर से मुलाकात कर लॉकडाउन में होने वाली समस्याओं से अवगत कराया था। अनाज दलहन थोक ट्रेडर्स सुभाष बाकलीवाल, सतीश अग्रवाल, प्रमुख दाल मिलर्स राधेश्याम भूतडा प्रेसिडेंट दुर्ग दाल मिल, संतोष गुप्ता, प्रदीप खंडेलवाल व अन्य ने दुर्ग कलेक्टर अंकित आनंद मुलाकात की। इस मीटिंग में उन्हें अनाज, दलहन को लॉकडाउन के शुरू की तीन दिन में जो अनाज/दलहन के मार्केट रेट व डिमांड के कारण जो मूल्यवृद्धि की जिससे प्रदेश में अफ वाह की सिथ्ति निर्मित हुई। इस पर व्यापारियों ने स्पष्टीकरण दिया कि अचानक 21 दिन लॉकडाउन की घोषणा और भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है। राज्य शासन द्वारा आवश्यक वस्तु के उत्पादन, वितरण व ट्रांसपोर्टिंग में छूट के बाद अब दुर्ग, भिलाई व प्रदेश के सभी शहरों में सामान्य स्थिति हो गई है।
आटा व गेहूं के रेट जल्द ही और कम होंगे
केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवेदन पर खुली विक्रय योजना के अंतर्गत गेहूँ निर्धारित दर पर फ्लोर मिल व थोक अनाज ट्रेडर्स को देने की घोषणा कर दी है। जिससे आटा व गेहूं के रेट जल्द ही और कम होंगे। गेंहू की फ सल की आवक भी जल्द मार्केट में आने वाली है। इसी तरह अरहर, मूंग, उड़द व चना की नई फ सल की आवक भी शुरू हो गई है, जिसके कारण सभी दाल के रेट भी ट्रांसपोर्ट सुविधा सामान्य होते ही, 10 से 15 रुपए प्रतिकिलो और कम होना निश्चित है।
सभी बंद मिलें होंगी चालू
व्यापारियों ने कलेक्टर को अवगत कराया कि दुर्ग जिले के प्रमुख थोक अनाज दलहन, शक्कर, तेल व आटा मैदा ट्रेडर्स के स्टॉक की सामान्य पोजिशन में अगले 15 दिनों की खपत के हिसाब से रखा जाता है। उन्होंने वादा किया कि राज्य शासन से निवेदन कर शेष सभी बंद दाल, चावल, पोहा, फ्लोर व खाद्य तेल की मिलों को तीनों शिफ्ट में आदेश दे कर चालू कराया जाएगा। साथ ही उत्पादक अन्य पड़ोसी प्रदेश से क्रमश: गेहूं, आटा, मैदा, तेल, शक्कर व दाल का उत्पादन व ट्रांसपोर्ट सर्विस् सामान्य कराने में सीएम भी प्रयासरत है।
व्यापारियों ने दी सवा लाख की सहायता
सभी प्रमुख ट्रेडर्स व प्रमुख दाल मिलर्स ने कुल 1,22,001 रुपए (एक लाख बाइस हजार) का आर्थिक सहयोग दिया। उन्होंने यह राशि दैनिक मजदूरी करने वालों के लिए कलेक्टर के माध्यम से जिला प्रशासन के खाद्य विभाग प्रमुख सीपी दीपांकर खाद्य नियंत्रक को दी।
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Updated on:
6 Apr 2020, 7:52 PM IST
Published on:
6 Apr 2020, 7:52 PM IST
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