
जिले में रविवार से 30 जून तक चलाए जाने वाले बाल विवाह निषेध अभियान का उद्घाटन रविवार को टाउन हॉल में हुआ
भीलवाड़ा।
जिले में रविवार से 30 जून तक चलाए जाने वाले बाल विवाह निषेध अभियान का उद्घाटन रविवार को टाउन हॉल में हुआ। प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा राजस्थान में सर्वाधिक बाल विवाह बाहुल्य क्षेत्र है तथा अक्षय तृतीय एवं पीपल पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में बाल विवाह होते है। बाल विवाह की रोकथाम पुलिस व प्रशासन के सहयोग से की जाएगी। मोबाइल वेन से न्यायिक अधिकारीगण, पैनल अधिवक्तागण व पैरा लीगल वॉलियन्टर्स द्वारा भी गांव-गांव जार जागरूकता शिविर लगाकर लोगाेें को जागरूक करेंगे।
संचालन अधिवक्ता कुणाल ओझा ने किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी, एडीएम सिटी राजेन्द्र कुमार कविया एवं एडीएम प्रशासन लालाराम गुगरवाल ने बाल विवाह रोकथाम में सहयोग की बात कही। बार अध्यक्ष राजेन्द्र कचौलिया ने भी अधिवक्ताओं के माध्यम से भी अभियान में सहयोग का विश्वास दिलाया। जिला न्यायाधीश चन्द्र कुमार सोनगरा ने प्राधिकरण की ओर से बाल विवाह रोकथाम एक्ट के कानूनों की जानकारी प्रदान की। न्यायाधीश एडीजे 01 सचिन गुप्ता, एडीजे 02 अरूण जैन, एडीजे एससीएसटी एक्ट सी.पी. सिंह, एसीजेएम सोनाली प्रशांत शर्मा, ग्रीष्मा शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता दाधीच, देवांगिनी औदिच्य, स्वाति राव, सुमन गठाला, रिटेनर अधिवक्ता मोहम्मद अली कायमखानी, समाजसेवी मंजु पोखरना आदि उपस्थित थे।
डॉ. श्रोत्रिय आईएपी के अध्यक्ष व हेड़ा सचिव बन
शिशु रोग विशेषज्ञों का एसोसिएशन इंडियन एकेडमी ऑफ पीडिएट्रीक्स (आईएपी) के चुनाव रविवार को हुए। अध्यक्ष पद पर डॉ. आरएस श्रोत्रिय, सचिव डॉ. अतुल हेड़ा व कोषाध्यक्ष डॉ. प्रशांत आगाल को चुना गया। शिशु रोग विशेषज्ञ एएल पांड्या, डॉ. आरके खन्ना, डॉ. राजेश छापरवाल, डॉ. एसएल रांका, डॉ. ओपी आगाल, डॉ. राजेश मालू, डॉ. आरके मूंदड़ा, डॉ. नीरज जैन, डॉ. मुकेश जैन, डॉ. दीपक माहेश्वरी, डॉ. एसएल धाकड़ व डॉ. सुनील दाधीच मौजूद थे।
Published on:
02 Apr 2018 01:17 pm
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