थानाप्रभारी सुरजीतसिंह ने बताया कि वारदात के बाद घर में मौजूद ज्योति की सात साल की बेटी अर्चिता घटना से सहम गई। उसके बाद भी उसने साहस का परिचय देते अपनी नानी को अलवर फोन लगाया। अर्चिता ने कहा कि पापा ने मम्मी को चाकू मार दिया। खून बह रहा है। आप, मम्मी को बचा लो। पुलिस ने रात में शव मोर्चरी में रखवा दिया था।