
Half the academic session is over...now new diaries have reached the schools
Bhilwara news : राज्य सरकार ने नई शिक्षक डायरियां सरकारी विद्यालयों में पहुंचा दी है।शिक्षा सत्र आधा बीतने के बाद शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को डायरियां मिली हैं। हालांकि जिले से लेकर प्रदेश के बहुत से विद्यालयों में पिछली सरकार के समय छपवाई शिक्षक डायरियां उपलब्ध थी। मगर शिक्षा विभाग व राज्य सरकार ने पुरानी डायरियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
ऐसे में बिना शिक्षक डायरियों के ही काम चलाया जा रहा था। इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने 16 अक्टूबर के अंक में पूर्व मंत्री की फोटो का पेज फाड़कर पुरानी डायरी से काम चला रहे शिक्षक शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। इसके जरिए यह भी बताया गया कि शिक्षक डायरियों के अभाव में अध्यापन व उसकी जांच वगैरह में परेशानियां आ रही हैं। नई डायरियां आने के बाद शिक्षक नेता इसे फिजूलखर्ची बता रहे हैं। उनका कहना है कि बीच सत्र में डायरियां भेजने का क्या मतलब है। पुरानी डायरियों से ही काम चलाया जा सकता था।
ये किए बदलाव
नई शिक्षक डायरी में वर्तमान शिक्षा मंत्री का संदेश छपा है। मुख्य पृष्ठ पर भारत के मानचित्र पर भारत माता की फोटो है। सूर्य नमस्कार की दस मुद्राओं के चित्र हैं। इसके अलावा मुख्य संरक्षक से लेकर मार्गदर्शक दल व संपादक समूह के नाम छपे हैं।
पाबंदी से परेशानी
सरकार बदलने के बाद वर्तमान शिक्षा सत्र में विद्यालयों के शिक्षक बिन डायरी के हो गए थे। क्योंकि पुरानी डायरियों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई थी। वजह यह थी कि पिछली सरकार और तत्कालीन शिक्षा मंत्री, शिक्षा राज्य मंत्री आदि के नाम डायरियों पर थे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों तथा विद्यालयों में बड़ी संख्या में पुरानी डायरियां अभी भी पड़ी हैं। ऐसे में शिक्षक डायरी में दर्ज किए बगैर ही कार्ययोजना बनाते रहे और उसे अमलीजामा पहनाते रहे। डायरी के अभाव में संकट यह रहा कि शिक्षकों के कामकाज का सत्यापन करने जब कोई शिक्षा अधिकारी पहुंचता है तो उनको मौखिक जानकारी से ही काम चलाना पड़ता था।
Published on:
01 Dec 2024 10:30 am

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