कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई शपथ

कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई शपथ

Manish Geete | Publish: Dec, 17 2018 12:58:14 PM (IST) | Updated: Dec, 17 2018 02:35:51 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई शपथ

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है और उसके मुख्यमंत्री कमलनाथ नियुक्त किए गए हैं। नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया है। इस भव्य आयोजन में शिरकत करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, फारुख अब्दुल्ला समेत कई धर्मों को धर्मगुरु भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

Live Update

2.35 pm

कमलनाथ ने शपथ ग्रहण कर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। प्रदेश में अब कमलनाथ की सरकार। सभी ने दी बधाइयां।

2.34 pm

राष्ट्रगान के बाद राज्यपाल आनंदबेन पटेल ने कमलनाथ को शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्र किया।

2.26 pm

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ-साथ मंच पर पहुंचे।

-ज्योतिरादित्य सिंधिया से खुलकर मिले बाबूलाल गौर।

2.22 pm

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी, साथ-साथ मौजूद।

2.10 pm
-राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, कांग्रेस नेता राजबब्बर, शरद पंवार,भोपाल दक्षिण पश्चिम से विधायक पीसी शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा,नवजोत सिंह सिद्दू,हेमंत सोरेन, आचार्य प्रमोद, भी मंच पर पहुंचे।

-मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित भी पहुंचे।

2.00 Pm

थोड़ी देर में कमलनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

1.55 pm

आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू भी मौजूद। शिवराज सिंह चौहान से मिले।

1.50 pm

मंच पर प्रियंका चतुर्वेदी, कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ, जेपी धनोतिया, अजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी भी मौजूद हैं।

1.44 pm

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जंबूरी मैदान पर पहुंचे।

-मंच पर शिवराज सिंह चौहान, शरद पंवरा, अरुण यादव, राजमणि पटेल, कांतिलाल भूरिया, बाबूलाल गौर,विवेक तन्खा, कमलनाथ का पूरा परिवार मंच पर मौजूद। कांग्रेस के दिग्गज नेता हरद्वारीलाल शर्मा भी मौजूद। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद।

1.35 pm

कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यक्रम में अब तक नहीं पहुंचे।

1.30 pm
कंप्यूटर बाबा ने कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के पहले ही माइक हाथ में ले लिया और संबोधित करने लगे। उन्होने कहा कि
अब कमलनाथ की सरकार बन रही है। हिन्दु, मुस्लिम, सिख, इसाई आपस में भाई भाई रहेंगे। हमारे मठमंदिर बचेंगे। संतों का सम्मान होगा। गोवंश बचेगा। बाद में उन्हें शांत कराया गया और धार्मिक रस्म शुरू कराई गई।

01.20 pm

कमलनाथ का शपथ ग्रहण शुरू होने वाला है। शपथ ग्रहण समारोह में साथु-संत भी पहुंचे। भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस के साथ दिखे कंप्यूटर बाबा।

01.15 pm

शपथ ग्रहण समारोह में रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति।

01.00 pm

नव नियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ जंबूरी मैदान पहुंचे। उनके साथ में बस में सवार संभावित कैबिनेट के मंत्री और विधायक भी पहुंचे।

12.50 pm

शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे शपथ ग्रहण समारोह में।

12.45 pm

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी भोपाल पहुंच गए हैं। उनके साथ शरद यादव, मनमोहन सिंह भी मौजूद हैं। थोड़ी देर में जंबूरी मैदान के लिए रवाना हो जाएंगे। दिग्गज नेताओं को वेलकम करने के लिए कांग्रेस नेता अतुल शर्मा और पूर्व महापौर सुनील सूद स्टेट हैंगर पहुंचे थे।

12.30 pm
नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ जंबूरी मैदान के लिए रवाना। डेढ़ बजे लेंगे शपथ।

11.30 pm
जंबूरी मैदान पर दिग्गज नेताओं और विधायकों का पहुंचने का सिलसिला शुरू।

11.00 pm
जंबूरी मैदान के आसपास बड़ी संख्या में कमलनाथ के होर्डिंग्स लगाए गए। इनमें से सिंधिया के फोटो नदारद।
कांग्रेस ने 15 साल बाद मिली जीत को भव्य रूप देने के लिए भोपाल के जंबूरी मैदान पर बड़ा शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया है। इससे पहले बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए। वहां से वाहनों में सवार होकर जंबूरी मैदान के लिए रवाना हो गए। जंबूरी मैदान पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

 

ये दिग्गज हुए शामिल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कुमार स्वामी, भूपेंद्र हुड्डा, फारुख अब्दुल्ला, शरद यादव, चंद्रबाबू नायडू, तेजस्वी यादव समेत अन्य दिग्गज नेता भी शामिल हुए।

 

आमंत्रण पत्र के लिए मारामारी
इधर, कांग्रेस के इस बड़े आयोजन में कई नेताओं को ही आमंत्रण पत्र नहीं मिल पाया। वे कई बड़े नेताओं के चक्कर काट रहे हैं। पास नहीं मिलने पर कुछ नेताओं ने अपनी नाराजगी भी व्यक्त की है।


जब दिग्विजय की हुई शिवराज से मुलाकात
इससे पहले शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ हुई। उनके साथ विधायक जयवर्धन सिंह भी थे। दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह ने पुष्पगुच्छ के साथ एक दूसरे का अभिनंदन किया। इस मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया गया है।

 

शपथ से पहले कमलनाथ का बयान
इधर, कमलनाथ ने शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से कहा है कि आज का दिन मेरे जीवन में मील का पत्थर है, जो विश्वास जनता ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर दिखाया है, उसके काबिल बना रहा हूं।


शपथ ग्रहण के बाद ये बन सकते हैं मंत्री
मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार में सबसे बड़ा मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें 37 नामों पर चर्चा संभव है। इनमें जातिगत समीकरणों और क्षेत्र को सामंजस्य बैठाने की कोशिश की जाएगी।


मालवा-निमाड़ से हो सकते हैं 11 मंत्री
कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, हुकूम सिंह कराड़ा, विजय लक्ष्मी साधौ, बाला बच्चन, तुलसी सिलावट, उमंग सिंगार, जीतू पटवारी, सचिन यादव, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, दिलीप सिंह गुर्जर या रामलाल मालवीय मंत्री बनने की दौड़ में हैं।

-विंध्य से बिसाहू लाल और कमलेश्वर पटेल का नाम सबसे आगे है।

-मध्य क्षेत्र से पांच मंत्री बनाने की चर्चा है। इसमें भोपाल उत्तर से आरिफ अकील, राजस्व मंत्री उमा शंकर गुप्ता को हराने वाले दक्षिण भोपाल से विधायक पीसी शर्मा, डा. प्रभु राम चौधरी, दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह और जयवर्धन सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है।

-ग्वालियर-चंबल अंचल से छह विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इनमें डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, एंदल सिंह कंसाना, लाखन सिंह, प्रद्मनयु सिंह और इमरती देवी प्रमुख हैं।
-बुंदेलखंड के जिन चार विधायकों को मौका मिल सकता है उनमें ब्रजेंद्र सिंह राठौर, गोविंद सिंह राजपूत, हर्षयादव और विक्रम सिंह शामिल हैं।
-इसके अलावा महाकौशल से 7 मंत्रियों को कमलनाथ की टीम में लेने की चर्चा है। इनमें एनपी प्रजापति, तरुण भानौत, दीपक सक्सेना, लखन घनघोरिया, ओमकार सिंह मरकाम, सुखदेव पांसे, हिना कावरे शामिल हो सकते हैं।
इनके अलावा कांग्रेस को समर्थन देने वाले दो निर्दलीय विधायकों प्रदीप जायसवाल और सुरेंद्र सिंह (शेरा) भी मंत्री बन सकते हैं।

ये बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष
उधर, विधानसभा अध्यक्ष बनने की हौड़ में डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, एनपी प्रजापति भी शामिल हैं। इनमें से किसी को यह पद सौंपा जा सका है।

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