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MP में दिखाई दिया दुनिया का सबसे बड़ा उल्लू, नाम है ब्लैक्सिटन फिश आउल

दुनिया के सबसे बड़े उल्लुओं की प्रजाति मध्यभारत में पहली बार रातापानी के जंगलों में देखी गई है।

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भोपाल

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Manish Geete

Apr 23, 2024

blakiston fish owl seen in ratapani sanctuary madhya pradesh india wild life and forest news

दुनिया के सबसे बड़े उल्लुओं की प्रजाति मध्यभारत में पहली बार रातापानी के जंगलों में देखी गई है। ब्लैक्सिटन फिश आउल नाम का यह उल्लू दुनिया से विलुप्त होने की कगार पर है। इसकी संख्या दुनिया में दो हजार से भी कम रह गई है। यह रातापानी अभ्यारण में पानी के स्रोत के पास देखा गया। प्राकृतिक आवास नष्ट होने के कारण घटी संख्या इनका मूल निवास एशिया महाद्वीप के रशिया, जापान, चाईना के सुदूर बर्फीले इलाकों में होता है।

माइग्रेट होकर आने की संभावना

रातापानी के रेंज फारेस्ट ऑफीसर कार्तिकेय शुक्ला ने बताया कि ब्लैक्सिटन फिश आउल रातापानी के जंगलों में बीते सप्ताह रात करीब साढ़े आठ बजे देखा गया। गिद्ध की तरह दिखने वाले इस पक्षी की सूचना थी। दल ने इसके फोटो लिए थे। जानकारी ली तो पता लगा यह दुनिया का सबसे बड़ा उल्लू है।

प्रवासी पक्षियों की पसंद है मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश प्रवासी पक्षियों के पसंदीदा स्थानों में से एक है। यही कारण है कि यहां रूस, साइबेरिया, उज्बेकिस्तान, चीन और आर्कटिका के ठंडे स्थानों में रहने वाले पक्षी करीब 12 हजार किमी का सफर तय कर आते हैं। यूरोप से यूरेशियन वेगान तो रूस और मंगोलिया से ब्लैक रेड स्टार्ट और लैसर वाइट थ्रोट जैसे बड्र्स आते हैं।

टाइगर से भी कम बची है आबादी

दुनिया के सबसे बड़े उल्लू खतरे में है। इनकी आबादी टाइगर्स से भी कम हो गई है। इस प्रजाति को बचाने के लिए साइंटिस्ट अब प्रयास करने में जुटे हैं। इसका पंख फैलने पर 6 फीट चौड़ा हो जाता है। रूस के सुदूर पूर्वी इलाके और एशिया के कुछ क्षेत्रों में मिलने वाले इस उल्लू का प्राकृतिक निवास खत्म हो रहा है।

एक नजर : ब्लैक्सिटन फिश आउल

आमतौर पर रूस, जापान और एशिया में पाया जाता है।
इसका निवास राइपेरियन जंगल, पुराने पेड़, झील के किनारे, नदी या झरने के आसपास होता है।
मानवीय गतिविधियों के कारण इनका स्थान छिन रहा है।
नर उल्लू का वजन 3.6 किलो तक होता है।
मादा उल्लू का वजन 4.6 किलो तक हो सकता है।
मादा 25 फीसदी ज्यादा बड़ी होती है। सर्दियों में वजन कम हो जाता है।
इनकी लंबाई 24 से 28 इंच होती है।

ब्लैक्सिटन फिश आउल

बड़ा उल्लू या ब्लैक्सिटन फिश आउल का नाम इंग्लैंड के प्रकृतिविद थॉमस ब्लैक्सिटन के नाम पर रखा गया है। इन्होंने इस उल्लू की खोज जापान के होकाइडो में की थी। इसकी शारीरिक संरचना की बात करें तो इसकी लंबाई 25 से 28 इंच होती है। इसकी आंखें पीली होती है। पूरी दुनिया में इसकी आबादी 1000 से 1900 के बीच बताई जाती है। यह सैमल मछलियां, कैटफिश, ट्राउट व कभी-कभी ये मेंढ़क व छोटे जीव का शिकार करता है। केकड़े को भी खाना पंसद करता है।

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