Clean India Mission : Bhopal Slips, Jabalpur show Mirror to Delhi, bhopal, Clean India Mission, Jabalpur, Mirror to Delhi
भोपाल. विकास की दौड़ में शहर एक बार फिर फिसड्डी साबित हुआ। नेतागीरी और अफसरों की अड़ंगेबाजी का ताजा नतीजा यह है स्वच्छता मिशन सर्वे की दौड़ में जबलपुर आगे निकल गया। 30 सितंबर को मिशन की समीक्षा करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने प्रदेश से केवल जबलपुर को प्रजेंटेशन देने बुलाया है। इस मौके पर भोपाल को जबलपुर से तौर-तरीके सीखने के लिए कहा गया है। कचरे से बिजली उत्पादन के मामले में जबलपुर प्रदेश का पहला शहर बन गया है। ये प्रोजेक्ट भोपाल और जबलपुर में स्थापित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने एक साथ मंजूरियां दी थीं लेकिन अफसरों और नेताओं की पंगेबाजी के कारण भोपाल पीछे छूट गया। राजधानी में कचरे से बिजली पैदा करने के लिए मेयर इन काउंसिल ने अब जाकर प्रस्ताव पारित किया है। सामुदायिक और व्यक्तिगत शौचालयों में भी भोपाल में काफी पीछे ेहै।
कचरे से 11.5 मेगावाट बिजली बनेगी
जबलपुर निगमायुक्त वेदप्रकाश ने बताया कि अमेरिकी तकनीक पर आधारित वेस्ट एनर्जी प्लांट 500 मीट्रिक टन कचरे से प्रतिदिन 11.5 मेगावाट तक बिजली पैदा कर सकता है। जबलपुर में फिलहाल इतनी मात्रा में कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है इसलिए यहां फिलहाल सात मेगावाट बिजली ही पैदा हो रही है। वेस्ट एनर्जी को ग्रिड में डालकर नगर निगम मुनाफा कमाने वाला पहला शहर बन गया है।
हमारी तैयारियों पर नजर
वेस्ट, मीथेन और सोलर एनर्जी प्लांट फाइलों से बाहर नहीं आए हैं। बिट्टन मार्केट में मीथैन गैस प्लांट का जबरदस्त विरोध हो रहा है। व्यक्तिगत शौचालयों के लिए 19 हजार आवेदन नगर निगम को मिले थे लेकिन अब तक महज 8200 ही बनकर तैयार हुए हैं। सामुदायिक शौचालय भी 164 में से महज 45 ही बनकर तैयार हुए हैं।
तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। त्योहारों के अवसर पर विशेष अभियान पूरे शहर में चलाए जाएंगे। शौचालय निर्माण के काम में फंड की कमी की बात गलत है।