
देवेन्द्र चन्द्रवंशी को मिलेगा कर्मवीर सम्मान, रिटायर होने तक का पूरा वेतन और पेंशन पत्नी को दी जाएगी
भोपाल/ रविवार रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के नाम संदेश कार्यक्रम के जरिये एक बार फिर सूबे की जनता से जुड़े। कार्यक्रम कोरोना से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों से संबंधित था। इस दौरान सीएम ने कोरोना से जंग लड़ते हुए अपनी जान का बलिदान देने वाले इंदौर के तत्कालीन जूनी थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार चंद्रवंशी का जिक्र किया। सबसे पहले सीएम ने दिवंगत की आत्मा की शांति की कामना की की। साथ ही, उन्होंने शोकाकुल परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सीएम ने कहा कि, जिस तरह चंद्रवंशी जी ने कोरोना से लड़ते लड़ते अपने प्राणों का बलिदान दिया और अपने परिवार को छोड़ गए, ऐसे में अब उनका परिवार हमारा परिवार है। उनके परिवार की जिम्मेदारी हमारी है। उनकी पत्नी अब हमारी बहन है, जिनका ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है।
मध्यप्रदेश की जनता के नाम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश...
सीएम ने कहा- देवेन्द्र जी की कमी किसी स्थ्त् में पूरी नहीं की जा सकती
सीएम ने कहा कि, भले ही हम कुछ भी कर लें, लेकिन उस कमी को पूरी नहीं कर सकते, जो चंद्रवंशी जी के जाने के कारण देश और उनके परिवार को हुई है। लेकिन, इस संकट की घड़ी में उनकी कर्तव्य निष्ठता और बलिदान को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि, आगामी 15 अगस्त पर उन्हें कर्मवीर चक्र सम्मान से नवाजा जाएगा। साथ ही, दिवंगत के परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में 50 लाख रुपये के रूप में एक छोटी सी भेंट देने का निर्णय लिया है। सीएम ने कहा कि, इसके अलावा, उनकी पत्नी को पुलिस विभाग में ही सब इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी भी दी जाएगी।
रिटायर होने तक का पूरा वेतन और पेंशन मिलता रहेगा
सीएम ने आगे फिर दोहराया कि, दिवंगत की कमी तो किसी हाल में पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन उनके न होने से परिवार के सामने किसी तरह की आर्थिक समस्या न आए इसके लिए सरकार ने फैसला लिया है कि, जब तक देवेन्द्र जी की रिटारयमेंट नहीं होनी थी, तब तक उनकी पत्नी के खाते में उनकी तनख्वाह हर माह जाती रहेगी। साथ ही, रिटायरमेंट के बाद उनकी पत्नी को उनकी पेंशन राशि भी प्रदान की जाएगी।
लोगों को बचाते बचाते दिया बलिदान
बता दें कि, लोगों को संक्रमण से बचाने की मुहिम में जी जान से जुटे इंदौर के तत्कालीन जूना थाना प्रभारी खुद संक्रमण का शिकार हो गए। करीब 20 दिनों तक उन्हें शहर के अरबिंदो अस्पताल में भर्ती रहे और आखिरकार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात वो कोरोना से जंग हार गए। रविवार दोपहर को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
Updated on:
20 Apr 2020 08:39 am
Published on:
20 Apr 2020 08:39 am
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