script सुविधाओं के झूठे वादे, 60 चबूतरे व 53 दुकानों में केवल 20 दुकानें बचीं | False promises of facilities, only 20 shops left out of 60 platforms a | Patrika News

सुविधाओं के झूठे वादे, 60 चबूतरे व 53 दुकानों में केवल 20 दुकानें बचीं

locationभोपालPublished: Jan 31, 2024 08:14:35 pm

संतनगर. सीहोर नाके के पास शिफ्ट की गई कंवरराम सब्जी मंडी में कभी भी रौनक नहीं आ सकी। सुविधाओं की कमी और मंडी दूर होने से ग्राहकी न होने से कुछ दुकानदार ही बचे हैं। केवल नीलामी यहां होती है, पूरा कारोबार शहर के अंदर ठेलों पर होने लगा है।

सुविधाओं के झूठे वादे, 60 चबूतरे व 53 दुकानों में केवल 20 दुकानें बचीं
सुविधाओं के झूठे वादे, 60 चबूतरे व 53 दुकानों में केवल 20 दुकानें बचीं
सडक़ के चौड़ीकरण के लिए पुरानी सब्जी मंडी को भवानी रोड़, सीहोर नाके पर सुविधाओं के तमाम वादों के साथ शिफ्ट किया गया था, लेकिन सुविधाएं शुरूआती ही रहीं, दुकानों और चबूतरों पर सब्जी वालों को भेज दिया गया। पार्किंग, सुरक्षा, पानी की असुविधा के कारण समय के साथ सब्जी मंडी फ्लाप होती गई।
समस्याएं ही समस्याएं
-60 चबूतरों व 53 दुकानों में से मात्र 20 दुकानें ही सब्जी की बची।
- पुश्तैनी कारोबार करने वाले भी दुकानें बंद कर चले गए हैं, कुछ ने शहर के अंदर दुकानें खोल ली हैं।
- दिन में सन्नाटा, रात के समय कुत्तों, जानवरों को जमावड़ा।
-न पानी, न सुलभ शौचालय, न बाउंड्रीवाल न चौकीदार
सुबह दो घंटे रौनक, फिर दिनभर सन्नाटा
सुबह आठ से 10 बजे तक ही मंडी में नीलामी की रौनक रहती है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और भोपाल मंडी से सब्जी लाकर नीलामी करने वाले कारोबारी आते हैं। सब्जी की खरीदारी कर सब्जी विक्रेता शहर के अंदर आ जाते हैं। मेन रोड, पीएनबी रोड व अन्य रहवासी इलाकों में ठेलों पर सब्जी बेचते हैं। शहर के अंदर 100 से अधिक ठेलों पर सब्जी-फल बेचने का काम हो रहा है। पटरी के उस पार भी सब्जी के ठेलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
मंडी में नहीं भेजा जाता
सडक़ों पर जाम के हालात बनने के बाद भी सभी कारोबारियों को मंडी में भेजने को लेकर किसी भी स्तर पर सख्ती नहीं होती, आहे गवाहे पुलिस ओर नगर निगम अमला कार्रवाई करता है, लेकिन उसका असर अमले के रहने तक नजर आता है।
शिफ्टिंग की चर्चा भी
मंडी के पास ही नगर निगम शॉपिंग काम्प्लेक्स और फ्लैट बना रहा है। बड़ा प्रोजेक्ट होने से माना जा रहा है कि यहां से भी मंडी शिफ्ट होगी। चर्चा है कि यहां की मंडी को शिफ्ट किया जा सकता है। दुकानदार का कहना है कि इससे मंडी खत्म ही हो जाएगी।
जानवर बड़ी परेशानी
मंडी में जानवरों को प्रवेश रोकने के लिए व्यवस्था न होने से दुकानदार परेशान हैं। रात के समय चबूतरों पर कुत्तों का कब्जा होता है। जानवर सब्जी को भी नुकसान पहुंचाते हैं। दुकानदारों का कहना है फायदा तो दूर यहां नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-नई सब्जी मंडी के अंदर सुविधाओं की कमी और ग्राहकी न होने से केवल नीलामी तक ही सीमित होकर रह गई है मंडी। सब्जी खरीदने के बाद कारोबारी हाथ ठेलों पर शहर के अंदर सब्जी लेकर चले जाते हैं और पूरे दिन धंधा करते हैं। ऐसा करना उनकी मजबूरी है।
हिम्मत लधानी, सब्जी मंडी यूनियन

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