भोपाल. स्मार्टसिटी के तहत 2015 से लेकर अब तक हुए कामों और केंद्र राज्य से मिले अनुदान राशि के उपयोग का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा।
भोपाल. स्मार्टसिटी के तहत 2015 से लेकर अब तक हुए कामों और केंद्र राज्य से मिले अनुदान राशि के उपयोग का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा। बीते सालों में स्मार्टसिटी द्वारा किए गए काम और खर्च आमजन के लिए कितने उपयोग हुए इसकी स्थिति सामने आएगी। केंद्र की गाइडलाइन के तहत ये अनिवार्य है। इसके लिए एजेंसी इस माह के आखिर में तय हो जाएगी।
ऐसे समझे भोपाल में स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट्स की स्थिति
- 2.8 करोड़ रुपए का भोपाल प्लस एप।
- 55.50 करोड़ रुपए कॉलोनियों व पार्कों में डेकोरेटिव लाइटें, ग्रेनाइट चेयर, गार्डन में बोलार्ड।
- ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन स्पॉट बनाने थे
- अंडरग्राउंड स्मार्ट डस्टबिन प्रोजेक्ट
- डस्ट फ्री सिटी के लिए 28 करोड़ का प्रोजेक्ट।
- ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस चौराहा टेक्टिकल अर्बनाइजेशन
- 750 किलोवॉट का बड़ा तालाब वीआईपी रोड किनारे सोलर प्लांट का प्रोजेक्ट।
- टीटी नगर में 342 एकड़ जमीन एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट।
- साइकिल ट्रैक।
- सदर मंजिल हेरिटेज प्रोजेक्ट करीब 21 करोड़ रुपए का।
- टीटी नगर में स्मार्ट हाट प्रोजेक्ट।
- टीटी नगर दशहरा मैदान।
- अटल पथ और स्मार्टरोड शहर की सबसे महंगी सड़कें।
- 750 करोड़ रुपए का कंट्रोल कमांड सेंटर।
- इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।
- सरकारी आवास प्रोजेक्ट।
- डिजिटल एड्रेस सिस्टम प्रोजेक्ट।
- स्मार्टपोल प्रोजेक्ट