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बगरोदा में इडली का मसाला, आयुर्वेद दवाएं तो मंडीदीप में फार्मा इंडस्ट्री

राजधानी व आसपास उद्योगों की क्षमता बढ़ी
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भोपाल

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yashwant janoriya

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Updated: 10 Feb 2024, 7:05 PM IST

बगरोदा में इडली का मसाला, आयुर्वेद दवाएं तो मंडीदीप में फार्मा इंडस्ट्री

60,000 श्रमिकों को प्रत्यक्ष और 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से मंडीदीप में रोजगार

भोपाल. कोरोनाकॉल में भले ही उद्योग क्षेत्र का संचालन 25 फीसदी पर आ गया था लेकिन अब पूरी तरह से 100 फीसदी उत्पादन क्षमता के साथ उद्योग चल रहे हैं। इसका उदाहरण निर्यात सेक्टर के आंकड़ों से दिया जा सकता है। राजधानी के गोविंदपुरा और राजधानी से लगे मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र से सबसे ज्यादा दवा (मेडिसिन), न्यू मैटिक मशीनें, ट्रांसफार्मर और चावल का निर्यात होता है। इसके बाद धागा, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कम्पोनेट का नंबर आता है। इनके अलावा बगरोदा भी नया उद्योग सेक्टर के रूप में उभर रहा है। उद्यमी बताते हैं फूड इंडस्ट्री, फार्मा, टैक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर में भी तेजी से ग्रोथ हो रही है।
बगरोदा नया औद्योगिक सेंटर
वर्ष 2018 से राजधानी के पास औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा विकसित हुआ है। हालांकि अभी निर्यात का प्रतिशत बहुत कम है, लेकिन सामान की सप्लाई देश के अन्य राज्यों में भी हो रही है। बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया में 423 एमएसएमई यूनिट हैं, जिसमें से 120 में उत्पादन चालू है। बगरोदा से मेडिसिन और फूड प्रोसेसिंग का सामान निर्यात होने लगा है। जो इकाइयां संचालित हो रही हैं, उनमें फैब्रिकेशन, ट्रक, इडली का मसाला, चावल, ब्रेड, आयुर्वेदिक दवाएं, आटा आदि तैयार हो रहे हैं। बगरोदा धीरे-धीरे विकसित हो रहा है।
गोविंदपुरा और मंडीदीप से प्रदेश में निर्यात की स्थिति
24 प्रतिशत दवा निर्यात मप्र से
7 से 8 प्रतिशत धागा निर्यात
10 प्रतिशत फूड प्रोडक्ट््स
8 प्रतिशत इंजीनियङ्क्षरग गुड्स
4 से 6 प्रतिशत ऑटो कम्पोनेट
उद्यमी क्या चाहते हैं?
प्रॉपर्टी टैक्स और मेंटेनेंस दोनों लिए जाते हैं। उद्यमियों का कहना है कि एक देश एक टैक्स की भावना भोपाल में लागू होती दिखाई नहीं देती। उनकी मांग है कि एक्सपोर्ट की ट्रेङ्क्षनग दी जाना चाहिए। बिजली की दरें अन्य राज्यों से ज्यादा है, जो कम होना चाहिए। इसी तरह उद्योगों की जमीन को फ्री होल्ड की जाना चाहिए।

मध्यप्रदेश में सरकार सकारात्मक रूप से काम कर रही है। यहां उद्योग लगाने के अच्छे मौके भी है। हमारी कुछ उद्योग संबंधी मांगे हैं, जिन्हें लेकर समय-समय पर सरकार को अवगत कराते रहते हैं। प्रदेश के साथ-साथ गोविंदपुरा और मंडीदीप से निर्यात लगातार बढ़ता जा रहा है।
राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज, मंडीदीप