scriptin bhopal kolar unique Devi temple where offerings sandals cap etc | ये है अनोखा देवी मंदिर जहां फूल-प्रसाद नहीं चढ़ते हैं जूते-चप्पल और चश्मे | Patrika News

ये है अनोखा देवी मंदिर जहां फूल-प्रसाद नहीं चढ़ते हैं जूते-चप्पल और चश्मे

locationभोपालPublished: Feb 13, 2024 04:55:21 pm

Submitted by:

Nisha Rani

वैसे तो किसी भी मंदिर में कोई जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाता लेकिन हम आज आपको एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जिसमें जूते-चप्पल ही देवी को चढ़ाए जाते हैं।

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आपने ऐसे कई मंदिर देखे होंगे जिनमें चुनरी, नारियल और अगरबत्ती आदी चीजें भगवान को चढ़ाई जाती हैं लेकिन क्या आपने कभी ये सुना या देखा है कि किसी मंदिर में जूते-चप्पल और चश्मे चढ़ाए जाते हैं। नहीं न..तो चलिए हम आपको आज एक ऐसे ही अनोखे मंदिर के बारे में बताते हैं। ये मंदिर है भोपाल के कोलार इलाके में। जिसे जीजी बाई मंदिर के नाम से जाना जाता है।

पहाड़ पर है अनोखा मंदिर
भोपाल के कोलार इलाके में पहाड़ पर स्थित इस मंदिर को सिद्धदात्री पहाड़वाला मंदिर कहा जाता है। स्थानीय लोग इसे जीजी बाई का मंदिर भी कहते है। इस मंदिर कि अनूठी परंपरा यह है कि यहां आने वाले लोगों की हर मनोकामना पूरी होती है और मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त मां के चरणों में जूते-चप्पल व सैंडल चढ़ाते हैं।

बच्चियों को दान किया जाता है चढ़ावा
मां सिद्धिदात्री के मंदिर की स्थापना ओम प्रकाश महाराज ने करीब 30 साल पहले की थी। मंदिर में करीब 300 सीढ़ियां हैं जिन्हें चढ़कर भक्त मंदिर में पहुंचते हैं। मंदिर की स्थापना करने वाले ओम प्रकाश महाराज ने बताया मंदिर में चढ़ने वाले जूते-चप्पल और चश्मों को बच्चियों को दान किया जाता है। उन्होंने ये भी बताया कि मां के कई भक्त ऐसे भी हैं जो कि विदेशों में हैं और वहां से भी मां के दरबार में जूते-चप्पल और चश्मे चढ़ावे के लिए भेजते हैं।

गुप्त नवरात्रि पर मां का विशेष श्रंगार
मंदिर में पूरे साल समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान का कार्यक्रम चलता रहता है। अभी गुप्त नवरात्रि चल रही है और ऐसे में रोजाना मां का अलग अलग तरीके से श्रंगार किया जाता है। मंदिर में अन्य देवियां भी बाल रूप में विराजित हैं और उनका भी विशेष श्रंगार कर पूजन अर्चन किया जाता है।

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