सिंधिया के लंच पॉलिटिक्स की इनसाइड स्टोरी, क्या फिर बदलेगा मध्यप्रदेश का सियासी समीकरण ?

सिंधिया के लंच पॉलिटिक्स की इनसाइड स्टोरी, क्या फिर बदलेगा मध्यप्रदेश का सियासी समीकरण ?
सिंधिया के लंच पॉलिटिक्स की इनसाइड स्टोरी, क्या फिर बदलेगा मध्यप्रदेश का सियासी समीकरण ?

Pawan Tiwari | Updated: 15 Sep 2019, 02:26:08 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

ज्योतिरादित्य सिंधिया 15 दिनों के अंदर दो बार मध्यप्रदेश दौरे पर आ चुके हैं।

भोपाल. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को एक दिन के दौरे पर इंदौर पहुंचे हैं। ये दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस में मध्यप्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान जारी है। अध्यक्ष पद को लेकर हर रोज नए समीकरण बन रहे हैं। ऐसे में सिंधिया एक बार फिर से मध्यप्रदेश दौर पर हैं और इंदौर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद वो ग्वालियर रवाना होंगे। इस महीने में ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्यप्रदेश में दूसरा दौरा है। इससे पहले वो दो दिनों के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। सिंधिया इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उन नेताओं से भी मुलाकात कर रहे हैं जो उनके खेमे के नहीं हैं।


संजय शुक्ला के घर खाया खाना
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर में संजय शुक्ला के घर में मुलाकात की। संजय शुक्ला इंदौर-1 विधानसभा से कांग्रेस विधायक हैं। सिंधिया ने यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। संजय शुक्ला को सुरेश पचौरी का समर्थक माना जाता है। बड़ी बात ये है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद संजय शुक्ला के घर पहुंचे। सिंधिया के संजय शुक्ला के घर जाने को कांग्रेस नेताओं द्वारा सिंधिया अपने समर्थक विधायकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि संजय शुक्ला के घर जाने का कार्यक्रम सिंधिया और शुक्ला के बीच फोन पर बातचीत के बाद तय किया गया है। इंदौर में अभी केवल तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक हैं। वहीं, अब संजय शुक्ला से सिंधिया की मुलाकात को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।

कमलनाथ के करीबी के घर भी पहुंचे
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी रहे सत्यनारायण पटेल के घर पहुंचे। यहां सिंधिया ने उनके आवास में कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। सत्यनारायण पटेल को किसी भी खेमे का नहीं माना जाता है। लेकिन इंदौर की सियासत में सत्यनारायण पटेल एक बड़ा नाम हैं।


सिंधिया के दौरे से फिर बदेलगा समीकरण
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर इन दिनों खींचतान जारी है। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ औऱ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का खेमा सक्रिय है। प्रदेश अध्यक्ष के मुद्दे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात होनी थी लेकिन ऐन मौके पर इस बैठक को टाल दिया गया था। माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस दौरे के बाद एक बार फिर से समीकरण बदल जाएंगे।

कमलनाथ के दौरे के बाद सिंधिया का दौरा
ज्योतिरादित्य सिंधिया का इंदौर दौरा मुख्यमंत्री कमलनाथ के दौरे के बाद हुआ है। शनिवार को कमलनाथ इंदौर दौरे पर थे। इस दौरान पार्टी के बड़े नेता उनके साथ थे। अब सिंधिया के दौरे पर कमलनाथ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट मौजूद हैं।

क्या इंदौर को साधने में लगे हैं सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर अक्सर ये कहा जाता है कि सिंधिया का ग्वालियर-चंबल के बाहर ज्यादा दखल नहीं है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना कुनबा बढ़ाने के लिए इंदौर के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं। अभी इंदौर में केवल तुलसी सिलावट ही ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के हैं। ऐसे में सिंधिया ग्वालियर से बाहर भी अपना दखल बढ़ा रहे हैं। इंदौर में सिंधिया समर्थक कार्यकर्ताओं ने सिंधिया के इस दौरे को शक्ति प्रदर्शन बता रहे हैं।

क्या क्रिकेट में दखल चाहते हैं सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश क्रिकेट कमेटी के पूर्व चैयरमैन हैं। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) री विशेष असाधारण सभा होनी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया इस सभा में सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। माना जा रहा है कि सिंधिया विरोधी खेमा एमपीसीए द्वारा किए जा रहे संशोधनों को लेकर विशेष तैयारी कर रहा है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी ना किसी रूप में मध्यप्रदेश की सियासत को खुद को दूर नहीं करना चाहते हैं और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मध्यप्रदेश में अपना दखल चाहते हैं।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned