मोदी सरकार देने जा रही है एक और कड़क डोज! जानिये कौन होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

मोदी सरकार देने जा रही है एक और कड़क डोज! जानिये कौन होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

Deepesh Tiwari | Publish: Jun, 29 2019 06:58:06 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

8 करोड़ लोगों को लगेगा झटका!... Modi government

भोपाल। पिछली सरकार में नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ( Modi government ) एक बार भी लोगों को एक कड़क डोज दे सकती है।

अर्थव्यवस्था को लेकर दी जाने वाली इस कड़वी डोज के चलते देश के करीब 8 करोड़ लोगों के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं जानकारों के अनुसार इससे मध्यप्रदेश में भी लाखों की संख्या में लोग प्रभावित होंगे।

जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार आने वाले दिनों में आपके प्रॉविडेंट फंड (PF) पर बड़ा झटका लग सकता है। इस बात के सामने आते ही मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में नौकरीपेशा चिंता में आ गए हैं।

PF

दरअसल हर नौकरीपेशा शख्‍स के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF) की रकम सबसे अहम होती है। इस रकम के जरिए नौकरीपेशा शख्‍स अपने भविष्‍य को सुरक्षित रख सकता है, लेकिन जो सूचना सामने आ रही है उसके अनुसार आने वाले दिन इस फंड के लिए परेशानी वाले हो सकते हैं।


बताया जाता है कि वित्त मंत्रालय ( Modi government ) ने इम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) को पीएफ की ब्याज दर को सालाना 8.65 फीसदी से कम करने के लिए कहा है, जानकारों के अनुसार अगर ऐसा होता है तो करीब 8 करोड़ से अधिक लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक पीएफ पर अधिक रिटर्न देने पर वित्त मंत्रालय ( Modi government ) को इस बात की चिंता है कि ऐसे में बैंकों के लिए आकर्षक ब्याज दरें देना संभव नहीं होगा, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

EPFO

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्री ( Modi government ) निर्मला सीतारमण के अप्रूवल के बाद श्रम मंत्रालय को सौंपे गए मेमोरेंडम में लिखा, ‘IL&FS में निवेश के चलते फंड को नुकसान हुआ होगा। ऐसे में श्रम मंत्रालय को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ब्याज दर पर फिर से विचार करने की सलाह दी जाती है।’


जानें अभी बैंकों की दर...
वहीं वर्तमान में महंगाई दर 3 फीसदी के करीब है और बैंकों में बचत खाता में जो ब्याज मिलता है वो 4 से लेकर 6 फीसदी के बीच है। हालांकि फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (एफडी- fix deposit) में बैंक 6-8 फीसदी का ब्याज देते हैं।


ज्ञात हो कि श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाले ईपीएफओ ने बीते मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए 8.65 फीसदी ब्याज दर का ऐलान किया था। इससे पहले पीएफ पर 8.55 फीसदी का ब्याज दर मिलता था, हालांकि सरकार ( Modi government ) को फंड के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह ब्याज दर सही नहीं लग रही है।

nirmala sitaraman

रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईपीएफओ अपने फंड का 85 फीसदी से भी ज्यादा हिस्‍सा केंद्र और राज्यों की सिक्योरिटीज और ऊंची रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड्स में निवेश करता है।

वहीं करीब 190 अरब डॉलर की एसेट संभालने वाले ईपीएफओ ( EPFO ) ने तकरीबन 8.31 करोड़ डॉलर (5.75 अरब रुपए) मुश्किलों से जूझ रही IL&FS के बॉन्ड्स में निवेश किए थे।


मोदी सरकार 2.0 का: 5 जुलाई को बजट ( union budget 2019 ) ...
वहीं दूसरी ओर ये भी चर्चा है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सरकार नौकरीपेशा को बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। 5 जुलाई को आने वाले बजट union budget 2019 में नौकरीपेशा के लिए बड़ा ऐलान होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

Modi FY20 Union Budget

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष तक इनकम टैक्स छूट सीमा 2.5 लाख रुपए थी। चुनाव से पहले पेश किए गए बजट में सरकार ने टैक्सपेयर्स को थोड़ी और राहत देते हुए इनकम टैक्‍स रिबेट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का एलान किया था।

ये है नया प्लान
सूत्रों के अनुसार अब इनकम टैक्स छूट सीमा को सीधे 5 लाख करने की तैयारी है। मतलब यह कि इस बार बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, पिछले बजट में भी 5 लाख की आय को कर मुक्त किया गया था। लेकिन, वह रिबेट के साथ छूट दी गई थी। अब सीधे 5 लाख तक इनकम टैक्स छूट देने पर विचार चल रहा है, अगर ऐसा हुआ तो टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।

ये मिला था तोहफा...
लोकसभा चुनाव से पहले पेश किए गए अंतरिम बजट में 5 लाख रुपए तक की आमदनी वालों को अब कर देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे लोग जिनकी सालाना आय 6.5 लाख रुपए तक है और उन्होंने जीवन बीमा, पांच साल की सावधि जमा तथा अन्य कर बचत वाली योजनाओं में निवेश किया है तो उन्हें भी अपनी पूरी आय पर छूट मिल सकती है।

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