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MP Election 2023 – बीजेपी ने खोला खजाना, खूब दे रहे फंड पर कांग्रेस में पैसों का इंतजार

लोकतंत्र की मजबूती में मतदाताओं की भूमिका अहम ही रही है। शायद यही कारण है कि मतदाताओं का रुझान खींचने के लिए प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। मतदान को लेकर अब पांच दिन शेष हैं। इस बीच प्रत्याशियों में मतदाताओं तक पहुंचने की होड़ मच चुकी है। चोंगे और लाइडस्पीकर से सजे वाहन गांव-गांव चक्कर लगा रहे हैं।

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प्रचार वाहनों पर एक करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए

भोपाल. लोकतंत्र की मजबूती में मतदाताओं की भूमिका अहम ही रही है। शायद यही कारण है कि मतदाताओं का रुझान खींचने के लिए प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। मतदान को लेकर अब पांच दिन शेष हैं। इस बीच प्रत्याशियों में मतदाताओं तक पहुंचने की होड़ मच चुकी है। चोंगे और लाइडस्पीकर से सजे वाहन गांव-गांव चक्कर लगा रहे हैं।

आप सभी को यह जानकर आश्चर्य होगा कि सिर्फ विदिशा, रायसेन, सीहोर व राजगढ़ जिले में प्रत्याशियों ने प्रचार वाहनों पर एक करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए हैं। यह आंकड़ा नामांकन भरने के बाद पहले हफ्ते का है, जिसमें चुनाव के अंत तक तीन गुना वृद्धि भी संभव है।

एक हफ्ते में ही ढाई करोड़ खर्च पार
इन चार जिलों में 18 विधानसभाओं के लिए प्रत्याशियों द्वारा जोर आजमाइश की जा रही है। प्रचार अभियान की शुरुआत होने के बाद तकरीबन सभी प्रत्याशियों ने 5 नवंबर तक के चुनावी खर्च का विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा प्रस्तुत खर्च विवरण के अनुसार प्रचार-प्रसार कार्य में जैसे बैनर, पोस्टर, फूलमाला, स्टेज सज्जा या अन्य खर्च में ढाई करोड़ रुपए के करीब खर्च कर डाला है।

प्रचार के लिए लाउड स्पीकर लेकर गांवों में दौड़ते वाहनों का खर्च अकेले ही 1.18 करोड़ रुपए के करीब है। मतदान तक यह खर्च दोगुना से अधिक होने की संभावनाएं है।

पार्टी फंड बांटने में भाजपा आगे
प्रत्याशियों द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष दी गई जानकारी में फिलहाल भाजपा ने इस बार प्रत्याशियों के लिए पार्टी फंड के द्वार खोले हैं। चुनाव आयोग को दिए गए विवरण में उदयपुरा, सांची, सिलवानी, सिरोंज और खिलचीपुर के भाजपा प्रत्याशियों द्वारा पार्टी फंड से 20-20 लाख रुपए दिए जाने की सूचना दी है। वहीं दूसरी ओर इन 18 विधानसभाओं में कांग्रेस की ओर से सिर्फ सिलवानी के प्रत्याशी ने 30 लाख रुपए पार्टी फंड से प्रचार के लिए दिए जाने की जानकारी दी गई है।

कुरवाई में भाजपा खर्च में आगे
विदिशा जिले की कुरवाई विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी प्रचार वाहनो के उपयोग में सबसे आगे रहे हैं। इनके द्वारा अब तक 10 लाख रुपए से अधिक खर्च किया है। आयोग द्वारा निर्धारित कुल खर्च की यह एक चौथाई रकम रही है। वाहनों के काफिले गांव-गांव तक पहुंचाने के मामले में कांग्रेस के प्रत्याशी भी कुछ कम नहीं रहे। उदयपुरा, नरसिंहगढ़, खिलचीपुर व राजगढ़ में 7 लाख रुपए या इससे अधिक राशि खर्च की गई है। भाजपा ने भी विदिशा, सांची, सिरोंज, नरसिंहगढ़, ब्यावरा में 4 लाख रुपए से अधिक के वाहन दौड़ाए हैं। वहीं कांग्रेस भी एड़ी चोटी का जोर मार रही है।

केक और गोभी वाले नारायण खर्च में पीछे
राजगढ़ की ब्यावरा सीट पर नारायण सिंह के हूबहु नाम वाले तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से भाजपा के नारायण सिंह ने 5 नवंबर तक अपने प्रचार अभियान में साढे चार लाख रुपए खर्च किए हैं। वहीं इनके हमनाम केक चुनाव चिह्न वाले नारायण सिंह ने 17 हजार 340 और गोभी चुनाव चिह्न वाले नारायण सिंह ने 11 हजार 440 रुपए ही खर्च किया है। रोचक बात चह है कि इनके द्वारा खर्च किए गए कुल राशि में 10 हजार रुपए चुनाव फीस भी शामिल है। गौरतलब है कि इस सीट पर तीन हमनाम नारायण सिंह चुनाव मैदान में हैं।

ये दिखा बदलाव
कांग्रेस
आलाकमान ने कई प्रत्याशियों को अब तक चुनाव प्रचार के लिए पार्टी फंड नहीं प्रदान किए। इस बीच अधिकांश प्रत्याशी स्वयं की जेब से खर्च कर मैदान में डटे हैं।
स्टार प्रचारकों की कमी के कारण प्रत्याशियों का खर्च अपेक्षाकृत कम हुआ।
प्रत्याशियों ने अब तक कुल खर्च में 60 फीसदी प्रचार वाहनों में तो 40 फीसदी खानपान, कार्यालय, बैनर व पोस्टर में खर्च किया है।

भाजपा
2018 के चुनाव में पार्टी ने कुछ प्रत्याशियों को छोडकऱ अधिकांश को प्रचार के लिए कोई पार्टी फंड नहीं उपलब्ध कराया। प्रत्याशी चंदे या स्वयं के खर्च पर चुनाव लड़े।
भाजपा में एक के बाद एक स्टार प्रचारकों के दौरे जारी हैं। इसमें शासकीय खर्च भी अपेक्षाकृत ज्यादा दिखा।
प्रत्याशियों का कुल खर्च में 70 फीसदी प्रचार वाहनों में तो 30 फीसदी खानपान, कार्यालय, बैनर व पोस्टर में खर्च हो रहा है।
(उपरोक्त ब्योरा 5 नवंबर तक दिए गए खर्च विवरण के अनुसार है।)

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