आर्थिक मोर्चा: चुनावी साल में सरकार के सामने चुनौती, बजट सत्र से एक हफ्ते पहले बाजार से कर्ज उठाएगी सरकार
भोपाल. एमपी में राज्य सरकार का खजाना खाली हो गया है. नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट तैयार कर रही राज्य सरकार की चिंता विकास कार्यों को पूरा करने की है। इसके लिए बाजार से लगातार कर्ज उठाया जा रहा है। बजट सत्र के एक सप्ताह पहले भी कर्ज लिए जाने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। राज्य पर कर्ज 3 लाख करोड़ तक जा पहुंचा है। इधर सरकार का तर्क है कि विकास कार्य होंगे तो कर्ज लिया जाना स्वाभाविक है।
राज्य का बजट 2.79 लाख करोड़ का है, जबकि कर्ज 3 लाख करोड़ तक जा पहुंचा - इस बार राज्य सरकार 3 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। यह 15 साल के लिए लिया जा रहा है। राज्य का बजट 2.79 लाख करोड़ का है, जबकि कर्ज 3 लाख करोड़ तक जा पहुंचा है। सरकार का तर्क है कि विकास कार्य होंगे तो कर्ज लिया जाना स्वाभाविक है।
जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया- चुनावी वर्ष में सरकार से आमजन की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया है। खजाने की स्थिति ऐसी नहीं है कि सभी मांगों को पूरा किया जाए।
डेढ़ माह में चौथी बार ले रहे कर्ज,
वर्ष 2023 की अभी शुरुआत है। डेढ़ माह में ही तीन बार कर्ज लिया जा चुका है। 27 फरवरी से शुरू हो बजट सत्र के एक हफ्ते पहले यानी 21 फरवरी को कर्ज लिया जाएगा।
खजाने की स्थिति
बाजार से कर्ज 174373.24
पॉवर सहित अन्य बाण्ड 7360.44
वित्तीय संस्थाओं से कर्ज 12158.01
केन्द्र से कर्ज-एडवांस 4467.55
अन्य देनदारियां 22208.99
बचत कोष से सुरक्षा निधि 34756.68
राशि करोड़ रुपए में