
गड़बड़ी की जांच पर बड़ा अपडेट सामने आया है।
एमपी में पटवारी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरु की गई। भर्ती प्रक्रिया में धांधली और इसकी जांच के कारण करीब साढ़े आठ सौ चयनित उम्मीदवारों का इंतजार बढ़ गया। इस बीच कथित गड़बड़ी की जांच पर बड़ा अपडेट सामने आया है।
पटवारी भर्ती में जांच पूरी हो गई है। जांच आयोग ने सरकार को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है हालांकि इसमें क्या है, यह बात अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है। इधर सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत को पूरी तरह नकार दिया गया है। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को क्लीन चिट दी गई है।
पटवारी भर्ती प्रक्रिया में धांधली और इसकी जांच के कारण करीब आठ माह नियुक्तियां रुकी पड़ी हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच आयोग को पटवारी परीक्षा में गड़बड़ी के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि इस कारण परीक्षा निरस्त करने की आशंका खत्म हो गई है।
यह बात भी सामने आई है कि जांच में ग्वालियर के परीक्षा सेंटर एनआरआई सेंटर की गतिविधियों को सवालों के घेरे में रखा गया है। इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया को क्लीन चिट दी गई है। जांच आयोग का मानना है कि सिर्फ एक सेंटर में कुछ चौंकानेवाले परिणाम आए लेकिन इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा।
मामले की जांच कर रहे जस्टिस राजेंद्र वर्मा ने राज्य सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जस्टिस वर्मा ने अपनी यह जांच रिपोर्ट प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा को सौंपी है। जांच रिपोर्ट में क्या है, इसपर कोई भी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बता रहा।
जस्टिस राजेंद्र वर्मा ने जांच रिपोर्ट के तथ्यों पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। इधर सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने भी केवल इस बात की पुष्टि की कि जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। कर्मचारी चयन बोर्ड की निदेशक षणमुख प्रिया मिश्रा पहले ही कह चुकी हैं कि जांच में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है। रिपोर्ट पर अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। राज्य सरकार के रुख से लग रहा है कि संभवत: दो माह में ही पटवारी भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
कब क्या हुआ
पटवारी सहित ग्रेड 3 के 9200 पदों के लिए नवंबर 2022 में कर्मचारी चयन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी किया। प्रदेशभर में 78 परीक्षा सेंटर पर मार्च अप्रैल में परीक्षाएं हुईं। परीक्षा में 12 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया जिसमें करीब 10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
इसका रिजल्ट 30 जून को आया और 8617 पदों की मेरिट लिस्ट जारी की गई। तभी धांधली की बात सामने आई। दरअसल 10 में से 7 टॉपर ग्वालियर के एक ही परीक्षा सेंटर एनआरआई कॉलेज से थे जिसके बाद बवाल मच गया। इसके बाद 19 जुलाई को परीक्षा प्रक्रिया की जांच शुरू की गई।
Published on:
31 Jan 2024, 1:25 PM IST
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