डेहरी आमढाना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को दीए या मोमबत्ती की रोशनी में रात काटनी पड़ती है। सबसे ज्यादा पेरशानी प्रसूति के लिए आने वाली महिलाओं को उठानी पड़ती है। कई बार तो बिजली गुल होने की स्थिति में प्रसूताओं के साथ आने वाले परिजनों को दीए की रोशनी से अस्पताल का अंधेरा दूर कर रतजगा तक करना पड़ता है। कई बार ग्राम के लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग को लेकर जिले के अधिकारियों से मांग की पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है।ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी में संसाधनों की कमी से भी मरीजों की फजीहत होती है।