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संघ प्रमुख मोहन भागवत को तिरंगा भेंट करने के मामले में गर्माई सियासत, कांग्रेस और पुलिस आमने-सामने

कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत को तिरंगा भेंट करने का ऐलान करने के बाद उन्हें देने के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 6 Aug 2022, 4:58 PM IST

News

संघ प्रमुख मोहन भागवत को तिरंगा भेंट करने के मामले में गर्माई सियासत, कांग्रेस और पुलिस आमने-सामने

भोपाल. 'हर घर तिरंगा अभियान' को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत गरमाती जा रही है। एक तरफ भाजपा प्रदेश के हर एक घर को तिरंगा बेचने का अभियान चला रही है तो वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत को तिरंगा भेंट करने का ऐलान करने के बाद उन्हें देने के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसे लेकर प्रदेश की सियासत गर्मा गई है।


पुलिस और प्रशासनिक महकमों ने सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेसियों को कांग्रेस मुख्यालय के भीतर ही घेर लिया है। फिलहाल, कांग्रेस कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा, भोपाल में जहां संघ प्रमुख भागवत ठहरे हैं, वहां भी बड़ी संख्या के पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। फिलहाल, इस मामले पर पुलिस और कांग्रेस के आला नेताओं के बीच बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है।


पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय को बनाया छावनी

आपको बता दें कि, आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत इन दिनों मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। इसी के चलते मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से डॉ भागवत को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में तिरंगा भेंट करने का ऐलान किया है। कांग्रेस का 5 सदस्य प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रीय ध्वज के साथ इतिहास की एक किताब लेकर भागवत को भेंट करने जाने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि, राष्ट्रीय ध्वज और इतिहास की किताब कांग्रेसियों द्वारा शहर के एक मॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भेंट करने वाले थे। हालांकि, ऐलान के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेस मुख्यालय के भीतर ही संबंधित प्रतिनिधिमंडल के साथ साथ सभी कांग्रेसियों को घेर लिया। फिलहाल, इस समय भारी पुलिसबल कांग्रेस कार्यालय के भीतर मौजूद है।

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पुलिस बोली- व्यापमं से आगे नहीं जाने देंगे

इधर पुलिस के आला अधिकारियों का कांग्रेस से कहना है कि, व्यापमं के आगे उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस नेता मोहन भागवत को झंडा भेंट करने की मांग पर अड़े हैं।फिलहाल, बातचीत से मामले का कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। पुलिसकर्मी कांग्रेसियों को मुख्यालय में ही रुकने की समझाइश दे रहे हैं। कांग्रेसी अपनी मांगो पर अड़े हैं और कहा कि, हम झंडा भेंट करने जरूर जाएंगे। कांग्रेसियों को व्यापमं पर रोका जाएगा, नहीं रुके तो उसके बाद गिरफ्तारी होगी।


कांग्रेस का सवाल- 'किसी को राष्ट्र ध्वज देना देशद्रोह है'?

इधर, कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, पुलिस ने कांग्रेस दफ्तर को चारों तरफ से घेर लिया है। मेरे कक्ष में भी पुलिस आकर बैठ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता की निगरानी पुलिस कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि, 'किसी को राष्ट्रीय ध्वज देना भी क्या अब देशद्रोह है'?

कमलनाथ का शिवराज सरकार पर हमला

इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर निशाना सादा है। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'जब पूरा देश आजादी की हीरक जयंती मना रहा है, तब मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को तिरंगा भेंट करने से रोक रही है। संगीता शर्मा और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता आज संघ प्रमुख को तिरंगा भेंट कर रहे थे ताकि उनके अंदर भी राष्ट्रवाद की भावना जागृत हो सके।'