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एमपी में कृषक कर्ज पर ब्याज माफी में बड़ा घोटाला, करोड़ों रुपए डकार गए अफसर, मुंह ताकते रहे किसान

Scam in farmers interest waiver in District Cooperative Bank Ghuwara in Chhatarpur किसानों को राहत देने के लिए बनी इस योजना से अफसरों के वारे न्यारे हो गए।

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Scam in farmers interest waiver in District Cooperative Bank Ghuwara in Chhatarpur

Scam in farmers interest waiver in District Cooperative Bank Ghuwara in Chhatarpur

Scam in farmers interest waiver in District Cooperative Bank Ghuwara in Chhatarpur मध्यप्रदेश में कृषक कर्ज पर ब्याज माफी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। किसानों को राहत देने के लिए बनी इस योजना से अफसरों के वारे न्यारे हो गए। किसानों के कर्ज की ब्याज माफी के नाम पर अफसर करोड़ों रुपए डकार गए। बेचारे किसान मुंह ताकते रह गए। हालांकि शिकायत सामने आने के बाद अब अफसरों पर कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने जांच चालू करते हुए जानकारी बुलाई है।

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना 2023 में बड़ी गड़बड़ी की गई। प्रदेश के छतरपुर की सेवार समिति प्रबंधक ने किसानों की ब्याज माफी के नाम पर करोड़ों रुपए डकार लिए। घोटाला (Scam) सामने आने के बाद सागर की लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police Sagar) जांच कर रही है।

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लोकायुक्त पुलिस ने इस संबंध में जिला सहकारी बैंक घुवारा को पत्र लिखकर घोटाला करने के आरोपी बैंककर्मियोें की जानकारी देने को कहा है। लोकायुक्त पुलिस ने छतरपुर के सेवानिवृत्त वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक आरके शर्मा की शिकायत पर जांच शुरु की। शिकायतकर्ता ने महाप्रबंधक और घुवारा शाखा प्रबंधक आरबी पटैरिया, समिति प्रबंधक और अध्यक्ष के खिलाफ करीब 22 करोड़ रुपए के गबन के आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना 2023 में 20 किसानों के नाम पर यह घोटाला किया गया।

खास बात यह है कि जिस कुटौरा गांव के 20 आदिवासी किसानों के नाम पर करोड़ों रुपए कमाए वह घुवारा समिति के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद सेवार समिति प्रबंधक ने किसानों के नाम से बचत खाते खुलवाकर पैसे निकाल लिए।

लोकायुक्त पुलिस ने 31 मार्च 2023 की स्थिति में घुवारा, सेवार, रामटौरिया, बमनौरा, भगवां, पनवारी और सरकना समितियों की किसानों पर बकाया कर्ज डिमांड सूचियां मांगी हैं। कर्ज वितरण की तारीख, कर्ज की मूल राशि और ब्याज राशि भी मांगी गई है। किसानों की 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2024 तक के डीएमआर खातों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं। ब्याज माफी योजना में समिति प्रबंधक, शाखा प्रबंधक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भूमिका की स्पष्ट जानकारी भी तलब की गई है।