वर्ष 2018 में पांच हजार तय हुआ था भरण पोषण....
भोपाल। भेल में उच्च पद से रिटायर्ड हुए बुजुर्ग को भेल में ही उच्च पद पर कार्यरत बेटा भरण पोषण के तहत अब प्रतिमाह दस हजार रुपए देगा। पिता रिटायर्ड होने के बाद गौतम नगर में ही तीन हजार वर्गफीट के बंगले में रहते हैं। पहले गुजारा भत्ता चलाने के लिए कुछ काम कर लेते थे, लेकिन कोरोना में वह काम भी बंद हो गया तो उन्होंने एसडीएम एमपी नगर विनीत तिवारी के यहां भरण पोषण भत्ता 25 हजार करने के लिए अपील की थी। एसडीएम ने दोनों पक्षों की सुनवाई और उनकी जिम्मेदारियों को समझते हुए बीच का रास्ता निकालकर भरण पोषण पांच की जगह दस हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया है।
आवेदक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी रागिनी श्रीवास्तव गौतम नगर में रहते हैं। 23 अक्टूबर 2018 को भी उन्होंने बेटे शील निधि श्रीवास्तव जो वर्तमान में भेल में उच्च पद पर कार्यरत है, से भरण पोषण मांगा था। उस समय एसडीएम गोविंदपुरा ने पांच हजार रुपए भरण पोषण के तहत तय कर दिए थे। हाल ही में ब्रजेश कुमार ने आवेदन करते हुए बताया कि अब पांच हजार रुपए से उनका खर्चा नहीं चलता है।
बेटे से 25 हजार रुपए भरण पोषण के तहत दिलाए जाएं। मामले की सुनवाई एसडीएम एमपी नगर ने शुरू की तो बेटे ने बताया कि उन्होंने खुद हाउस लोन ले रखा है। बच्चों की पढ़ाई और कई प्रकार के खर्चों में सेलरी खत्म हो जाती है। इसलिए वे 25 हजार रुपए देने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि पिता चाहें तो ड्यूप्लेक्स का कुछ हिस्सा किराए से उठाकर उससे आय कर सकते हैं। फिलहाल एसडीएम ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद भरण पोषण दोगुना कर दिया है।
हर माह जाना होता है पिता के पास
वर्ष 2018 में किए गए आदेश के तहत बेटे को परिवार सहित एक दिन पिता के यहां जाना होता है, एक रात वहीं रहना भी है। ताकि दोनों परिवारों के बीच आईं दरारें खत्म हो सकें, लेकिन पूर्व में दिए गए इस आदेश का पूर्णता पालन नहीं होता।
बहू से पीड़ित ससुर पहुंचे कलेक्टोरेट
कलेक्टोरेट में हुई जनसुनवाई में मंगलवार को नजीराबाद निवासी नारायण सिंह ने शिकायत करते हुए बताया कि उनकी बहू अनीता ने कुछ दिन पूर्व दुकान का सामान बाहर फेंक दिया और 5 हजार रुपए छीनकर ले गई। इस संबंध में थाने भी गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ससुर का कहना है कि बहू की प्रताड़ना से घर में रहना मुश्किल हो गया है। जनसुनवाई कर रही एडीएम माया अवस्थी ने आवेदन को जांच के लिए हुजूर तहसील भेजा है।
वहीं एक अन्य मामले में नोटिफिकेशन के बाद नगर निगम की उद्यानिकी शाखा ने अमीरगंज में गार्डन निर्माण का काम शुरू कर दिया है। जमीन के वारिसों ने गार्डन का निर्माण कराने वाले इंजीनियर से दस्तावेज मांगे, लेकिन वह नहीं दे सका। एसएम आतिफ ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में नगर निगम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।