अब इस गंभीर बीमारी की वजह से हुई हाथी के बच्चे की मौत, वन विभाग में हड़कंप

Highlights

- अमानगढ़ टाइगर रिजर्व वन रेंज में मिला हाथी के बच्चे का शव

- वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी के बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया

- मुख्य वन संरक्षक बरेली, वन संरक्षण मुरादाबाद और बिजनौर डीएफओ ने की घटनास्थल की जांच

By: lokesh verma

Published: 22 Jun 2020, 11:57 AM IST

बिजनौर. जिले के रेहड़ क्षेत्र के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व वन रेंज की कक्षा संख्या-9 में बीती रात एक हाथी के बच्चे का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी के बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हाथी के बच्चे की मौत पेट में कीड़े होने की वजह से बताई जा रही है।

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दरअसल, बिजनौर के किरतपुर के रहने वाले सरदार ऋषि पाल सिंह के खेत के निकट रविवार रात एक हाथी के बच्चे का शव मिला है। हालांकि शव पर चोट का कोई निशान नहीं था।वन विभाग को सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हाथी के बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मुख्य वन संरक्षक बरेली ललित वर्मा और वन संरक्षण मुरादाबाद जावेद अख्तर व बिजनौर डीएफओ डॉ. एम सिमरन ने अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज पहुंचे और घटनास्थल की जांच की है। पोस्टमार्टम में हाथी के बच्चे के पेट से काफी कीड़े मिले। उसके लीवर में भी कीड़े थे और शरीर में खून भी कम था।

डीएफओ डाॅ.एम सेम्मारन ने बताया कि हाथी की बच्चे की उम्र करीब 3 वर्ष थी और पेट में कीड़ों की वजह से हाथी के बच्चे की मौत हुई है। वन्य जीवों का टीकाकरण मुमकिन नहीं है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि पेट में कीड़े होने के चलते खाने-पीने का लाभ जानवर को नहीं मिल पाता है। इससे शरीर में खून की भी कमी होने लगती है और जानवर की मौत भी हो जाती है।

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