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कृषि अधिकारियों ने रबी फसलों की स्थिति का लिया जायजा
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान केंद्र में मासिक तकनीकी कार्यशाला व खण्डीय समीक्षा बैठक का आयोजन शुक्रवार को हुआ। अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) त्रिलोक कुमार जोशी व कृषि अनुसंधान केंद्र के क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. एचएल देशवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कृषि अनुसंधान केंद्र पर हो रही रबी की विभिन्न फसलों की ट्रायल का निरीक्षण किया गया। जनवरी में की गई कृषि क्रियाओं की प्रगति पर समीक्षा और फरवरी में कृषकों की ओर से की जाने वाली कृषि व उद्यानिकी तकनीकी पर चर्चा की गई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार समृद्ध किसान, सशक्त राजस्थान की थीम पर ग्राम उत्थान शिविर कार्यक्रम के दौरान हो रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त निदेशक ने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देवें व अधिकाधिक संख्या में लाभान्वित करें। अतिरिक्त निदेशक जोशी ने कृषि विभागीय योजनाओं की अब तक अर्जित भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं जैसे-फार्म पौण्ड, पाईप लाईन, डिग्गी, तारबन्दी, कृषि यंत्र, गोवर्धन जैविक योजना, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिग योजना में आवंटित बजट का शत-प्रतिशत व्यय किया जाए। समस्त केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के तहत प्राप्त आवंटन के विरुद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित करने के निर्देश दिए, जिससे भारत सरकार से आगामी किश्त समय पर प्राप्त हो सके।
7 दिवस में बजट उपयोग करने के निर्देश
जोशी ने विभिन्न योजनाओं में भौतिक सत्यापन कर तत्काल वित्तीय स्वीकृति जारी कर 7 दिवस में बजट उपयोग करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। कृषि वैज्ञानिक प्रो. अमर सिंह गोदारा, डॉ. भंवर देवी सिंह नाथावत, डॉ. राजेन्द्र राठौड़ ने तकनीकी सत्र में प्रस्तुतीकरण दिया। कृषि विभागीय अधिकारी सुरेन्द्र मारू, दीपक कपिला, प्रदीप चौधरी, एम एल सैनी ने कृषि विभागीय प्रगति से अवगत कराया। उद्यानिकी विभाग से सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत, रामवतार शर्मा ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दिया। आत्मा से बी एल डाबला, राजकुमार कुल्हारी ने व्याख्यान दिया।
जोशी ने कृषि आदान निरीक्षकों को निर्देशित किया कि इस वर्ष आवंटित बीज, उर्वरक, कीटनाशी के शत-प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति निरीक्षकवार पूर्ण करें। कृषि आदान निरीक्षकों को निर्देशित किया कि गत वर्षाे में अमानक पाये गये बीज, उर्वरक एवं कीटनाशी रसायन के कोर्ट केस यदि शेष है तो अविलम्ब वाद दायर करवाएं। कृषकों को कृषि विभागीय गतिविधियों का लाभ किसानों को अधिक से अधिक समयबद्ध मिले इसका क्रियान्वयन विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें। जिले में उर्वरक की समुचित व्यवस्था व वितरण सुनिश्चित करने के लिए व उच्च गुणवत्ता का कृषि आदान कृषकों को उपलब्ध हो, इसलिए विभागीय अधिकारियों को फील्ड में निरंतर निरक्षण के निर्देश दिए।
Updated on:
30 Jan 2026, 6:49 PM IST
Published on:
30 Jan 2026, 6:49 PM IST
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