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न कोई ओटीपी, न कोई लिंक, वूलन मिल के बैंक अकाउंट से हैकर्स ने उड़ाए 72 लाख

सात घंटे में पुलिस ने कराए 60 लाख होल्ड - बीकानेर का अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड- तीन खातों से निकाले और आठ खाते में डाले रुपए

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न कोई ओटीपी, न कोई लिंक, वूलन मिल के बैंक अकाउंट से हैकर्स ने उड़ाए 72 लाख

न कोई ओटीपी, न कोई लिंक, वूलन मिल के बैंक अकाउंट से हैकर्स ने उड़ाए 72 लाख

वूलन व्यापारी के खाते को हैक कर हैकर्स की ओर से 72 लाख रुपए उड़ाने का मामला सामने आया है। व्यापारी को खाते से रुपए कटने का मैसेज मिला, तो उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत पुलिस अधीक्षक व साइबर सेल से संपर्क किया। पुलिस ने सात घंटे की मशक्कत कर पीडि़त के 60 लाख रुपए बैंक में होल्ड कराने में कामयाबी हासिल कर ली।

पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि जवाहरनगर निवासी सुरेश राठी वूलन व्यापारी हैं। उनकी एमएम वूलन इण्डस्ट्रीज का बैंक खाता है। रविवार रात करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर खाते से तीन बार में 72 लाख रुपए निकलने का मैसेज आया। बैंक का रुपए निकलने का मैसेज देख कर एकबारगी वे कुछ समझ ही नहीं पाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक एवं साइबर सेल को सूचना दी। साइबर सेल प्रभारी दीपचंद के नेतृत्व में उपनिरीक्षक देवेन्द्र, सिपाही रामबक्श, सीताराम, प्रदीप व सत्यनारायण की टीम ने फ्रॉड के सात घंटे के भीतर पीडि़त के 60 लाख रुपए बैंक में होल्ड करवा दिए। हैकर्स काफी शातिर निकले। इन्होंने परिवादी को न कोई लिंक भेजा और न ही ओटीपी मांगा। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि हैकर्स ने परिवादी के बैंक के सर्वर सिस्टम में सेंधमारी कर फ्रॉड किया है।

25 लाख की लिमिट थी परिवादी की
परिवादी सुरेश राठी ने नेट बैंकिंग के लिए बैंक से 25 लाख का ट्रांजक्शन करने की लिमिट बनवा रखी थी। हैकर्स ने इसी का फायदा उठाया। उसने परिवादी के खाते से आठ अन्य खातों में 72 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
इस तरह किया ट्रांजक्शन

परिवादी की वूलन बैंक के तीन खाते हैं, जिनमें से दो को वह एवं एक उसका भतीजा मनोज राठी ऑपरेट करता है। परिवादी के खाते में 47 लाख रुपए थे। हैकर्स ने पहले मनोज के खाते से 25 लाख रुपए सुरेश के खाते में ट्रांसफर किए। उसके बाद सुरेश के खाते से 72 लाख रुपए तीन बार एक अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अलग-अलग आठ खातों में 72 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस की मानें, तो जिनके खातों में रुपया ट्रांसफर हुआ है, वह भी इन रुपयों से अनजान हैं। पुलिस को फ्रॉड की सूचना मिली, तो रात को ही परिवादी के बैंक के अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई शुरू कर दी गई।


कोई ओटीपी नहीं और न ही किया ऑनलाइन ट्रांजेक्शन

पीडि़त सुरेश ने बताया कि उन्होंने रविवार रात को किसी तरह का ऑनलाइन ट्रांजक्शन नहीं किया था और न ही उनके पास कोई ओटीपी आया। इसके बावजूद खाते से तीन बार में 72 लाख रुपए निकलने के एक के बाद एक तीन मैसेज आए, तो वह घबरा गया। उसने तुरंत अपने भाइयों व भतीजों से बात की। समय गवाएं बिना पुलिस अधीक्षक व साइबर सेल को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के प्रयासों से 60 लाख रुपए बैंक में होल्ड हुए हैं। शेष 19 लाख रुपयों को रिफंड कराने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।


क्या है होल्ड
खाते से रुपए निकलने की शिकायत पर पुलिस सीधे बैंक से संपर्क कर रुपयों को होल्ड कराने का प्रयास करती है। अगर हैकर्स या ठग ने जिस खाते में रुपए ट्रांसफर किए हैं, उसमें से निकाले नहीं हैं, तब बैंक उन रुपयों को होल्ड कर देती है। यानी अब इन रुपयों को कोई भी निकाल नहीं सकता। जब तक बैंक अप्रूवल नहीं देती। बाद में पुलिस, बैंक व संबंधित अन्य विभाग की ओर से अपनी कार्रवाई पूरी कर संबंधित के खाते में फिर से रुपए ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

सबसे बड़ी राशि रिफंड कराई
हैकर्स की ओर से 72 लाख रुपए खाते से निकालने की शिकायत पर साइबर सेल को अलर्ट किया। साइबर सेल के अथक प्रयास से 53 लाख रुपए होल्ड करवा दिए गए हैं, जो परिवादी को बैंक के माध्यम से वापस मिल जाएंगे। शेष 19 लाख रुपए होल्ड कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में फ्रॉड होने के तुरंत बाद सबसे अधिक राशि बीकानेर पुलिस ने ही होल्ड कराई है। इसके लिए साइबल सेल टीम को रिवार्ड दिया जाएगा।
तेजस्वनी गौतम, पुलिस अधीक्षक