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साफ पानी की आवक शुरू,प्रशासन और किसानों ने ली राहत की सांस, देखिये वीडियो

जहरीला पानी झील में डालना बंद

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clean water in canal

साफ पानी की आवक शुरू,प्रशासन और किसानों ने ली राहत की सांस

बीकानेर . छत्तरगढ़ . छत्तरगढ़ क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से आ रहे जहरीले पानी को आरडी ५०७ हैड से एस्केप (घेघड़ा झील) में डालना रविवार को ११ बजे बंद कर दिया गया। इसके बाद सिंचाई विभाग ने शाम तक हैड बंद रखा। हैड का निरीक्षण करने के बाद रात को पौंड साफ पानी से भरना शुरू किया। पौंड पूरा भरने पर साफ पानी को सोमवार को नहर में आरडी ५०७ से आगे छोड़ा जाएगा। झील में छोड़े पानी को कोई जीव-जंतु नहीं पी ले, इसके लिए जिला प्रशासन ने कर्मचारियों को निगरानी पर लगाया हुआ है। झील के पानी में मृत जलीय जीवों की भरमार है।

जल स्तर बढऩे की जागी उम्मीद
छत्तरगढ़. नहर में आए जहरीले पानी से घेघड़ा झील पच्चीस प्रतिशत भर चुकी है। इससे आरडी 507 हैड क्षेत्र के आसपास इलाके के कुओं का जलस्तर बढने की संभावना जताई जा रही है। किसान हरजीराम जाखड़ व किशोर जाखड़ ने बताया कि इस क्षेत्र के किसानों की जीवनदायनी घेघड़ा झील कई साल से पानी की कमी में खाली पड़ी थी। रसायन युक्त व काले बदबूदार पानी को छोडऩे से मंडराया खतरा अब टल गया है। कुछ जीव जंतुओं की मौत का नुकसान जरूर हुआ है। सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता हनुमान कापड़ी ने बताया कि हैड से झील में पानी छोडऩे के लिए खोले तीनों गेट बंद कर दिए है। पीछे से स्वच्छ पानी का आना शुरू हो गया था। जहरीला पानी करीब 48 घंटे चला। झील में जहरीले पानी की कुल आवक 200 मीलीयन क्यूसेक हुई है। जबकि झील की क्षमता 750 मीलीयन क्यूसेक है।

यह रही स्थिति
रसायनयुक्त व काले रंग का नहर में आया पानी शुक्रवार दोपहर छोड़ा गया तब 1800 क्यूसेक क्षमता थी। शनिवार मध्य रात्रि बाद 1600 क्यूसेक पानी चला और रविवार सुबह तक मात्र 600 क्यूसेक ही पानी शेष रह गया। दोपहर में स्वच्छ पानी की आवक शुरू होने बाद झील के तीनों गेट बंद कर दिए।

सैम्पल रिपोर्ट आज
पीएचईडी ने रविवार को ५०७ हैड पानी का ताजा सम्पैल लिया है। इसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। वहीं शनिवार को लिए सम्पैल में २४ हजार ४६ हजार बैक्टिरिया प्रति लीटर पाए गए। पानी में आक्सीजन का लेवल भी न्यूनतम स्तर का पाया गया।
दीपक बंसल, अधीक्षण अभियंता पीएचइडी

दूषित पानी नहर से बाहर

इंदिरा गांधी नहर से दूषित और दुर्गन्ध युक्त पानी बाहर झील में डाल दिया गया है। अब नहरों में साफ पानी की नियमित आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू की जा रही है। आरडी ५०७ हैड के पौंड को भरकर पेयजल आपूर्ति की तैयारी की जा रही है।
विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता इंगानप