Rajasthan News: एशिया की सबसे बड़ी युद्धाभ्यास स्थली महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के निर्माण के लिए सरकार ने किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण 40 साल पहले किया था।
दिनेश कुमार स्वामी
बीकानेर। एशिया की सबसे बड़ी युद्धाभ्यास स्थली महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (एमएफएफआर) के निर्माण के लिए सरकार ने किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण 40 साल पहले किया था। देश की रक्षा के लिए भूमि देने के बाद भी मुआवजे के तौर पर दूसरी जगह भूमि का आवंटन अब तक नहीं किया।
पीड़ित किसान उपनिवेशन विभाग से लेकर जिला कलक्टर, पटवारी, तहसीलदार तक के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे किसानों के 148 भूमि आवंटन संबंधी प्रकरण सालों से उपनिवेशन विभाग में लम्बित पड़े हैं। वहीं, 350 किसानों को वन विभाग की भूमि आवंटन कर दोहरे आवंटन में उलझा रखा है।
राज्य सरकार के राजस्व डिप्टी सेक्रेट्री बिरधीचंद गंगवाल ने गत 17 जनवरी को एक नोटिफिकेशन जारी कर उपनिवेशन विभाग को महाजन फील्ड के किसानों को भूमि आवंटन के 11 सितम्बर 2007 को दिए अधिकार वापस ले लिए हैं। ऐसे में अब लम्बित प्रकरणों का निस्तारण कर भूमि आवंटन कौन करेगा?
अब जिला कलक्टर के पास पात्र किसानों को भूमि आवंटन करने की शक्तियां रह गई है। हालांकि राज्य सरकार ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में उपनिवेशन विभाग किसानों की पत्रावलियों को कलक्टर के सुपुर्द करने की तैयारी में जुट गया है।
एमएफएफआर के लिए किसानों ने जितनी भूमि दी है, उतनी कृषि भूमि अन्य जगह आवंटित करने के लिए सरकार ने प्रमाण पत्र भी जारी किए। राज्य सरकार ने सितम्बर 2007 को नोटिफिकेशन जारी कर किसानों को भूमि आवंटन के लिए उपनिवेशन अतिरिक्त आयुक्त बीकानेर को अधिकृत किया था। विस्थापित किसानों ने भूमि के लिए आवेदन कर दिए। फाइलें कलक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी से होते हुए विभाग तक पहुंचने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के किसानों को भूमि आवंटित करने की उपनिवेशन कार्यालय के पास रखी पत्रावलियों को अब मुख्यालय के आदेशानुसार संबंधित अधिकारी को भेजेंगे। 17 जनवरी का राजस्व (ग्रुप-6) विभाग के डिप्टी सेके्रट्री के आदेश के संबंध में प्रकरणों का नोट बनाकर जयपुर भेज दिया है। मुख्यालय से जो भी आदेश प्राप्त होंगे, उसकी पालना करेंगे।
-अरविन्द जाखड़, अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन बीकानेर