राज्यपाल रहते हुए जब भी वे बीकानेर आए भुजिया और दाल-बाटी का स्वाद लिए बिना वे नहीं रहे। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के दिसम्बर २०१५ में हुए द्वितीय दीक्षांत समारोह में वे चार दिन तक बीकानेर रहे थे। इस बीच उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वे बीकानेर के लोगों की बोली, उनका रहन-सहन और यहां के विशिष्ट खाद्य पदार्थों के खासे प्रभावित हुए। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. बिठ्ठल बिस्सा ने बताया कि अपने चार दिवसीय दौरे के बाद जब वे बीकानेर से जयपुर लौटे तो काफी प्रसन्न थे।