Rajasthan Assembly Election 2023: दूसरे दिन बीकानेर से करीब 51 किलोमीटर दूर कपिल मुनि की तपोभूमि कोलायत के लिए निकल पड़ा। मन में तस्वीर पुष्कर सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जैसी थी, लेकिन वहां जाकर देखा तो ऐसा कुछ भी नहीं मिला।
युगलेश शर्मा/बीकानेर. Rajasthan Assembly Election 2023: दूसरे दिन बीकानेर से करीब 51 किलोमीटर दूर कपिल मुनि की तपोभूमि कोलायत के लिए निकल पड़ा। मन में तस्वीर पुष्कर सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जैसी थी, लेकिन वहां जाकर देखा तो ऐसा कुछ भी नहीं मिला। अमावस्या का दिन होने के बावजूद इक्के-दुक्के श्रद्धालु ही कपिल सरोवर पर आते-जाते दिखे। घाट पर मात्र एक युवक विजय तंवर मोबाइल पर बतियाते मिला।
बात खत्म होने पर वहां के मुद्दे को लेकर सवाल किया तो वह धारा प्रवाह शुरू हो गया। बोला, यह सरोवर ही यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है। केवल मेले के समय डिविडिंग मशीन लाकर इसकी सफाई करवा दी जाती है। बाकी दिनों में नहाने का मन तक नहीं करता। कपिल सरोवर के 75 प्रतिशत हिस्से में कमल की बेल फैल जाती है। पंचायत चाहे तो सरोवर में होने वाले कमल को आय का साधन बना कर सरोवर के विकास पर पैसा खर्च कर सकती है। दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा यहां अवैध खनन का है। लीज के नाम पर कहीं से भी बजरी और व्हाइट क्ले को भरा जा रहा है। यह सब मिलीभगत का खेल है। इससे सरोवर में पानी के आवक मार्ग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
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पुष्कर की तरह हो विकास
सरोवर से बाहर निकला तो किराने की दुकान पर नंदकिशोर मूंदड़ा से मुलाकात हुई। बोले, कपिल सरोवर का भी पौराणिक महत्व है। सरकार इसका जीर्णोद्वार करवाए, तो पुष्कर की तरह कोलायत भी एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। इससे स्थानीय रोजगार में भी इजाफा होगा। पास ही बैठे अतुल ने कहा कि सरोवर के लिए कई बार करोड़ों रुपए का बजट पास होने की बात तो सुनी है, लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आया। केंद्र और राज्य दोनों जगह मंत्री होने के बावजूद सरोवर के ये हाल हैं।
खाजूवाला : बॉर्डर पर पूरी रात जिप्सम की खुदाई
इसके बाद मैं बीकानेर से लगभग 115 किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित खाजूवाला के लिए निकल पड़ा। खाजूवाला मंडी में मिले मूलचंद कोचर बोले, नहर का पानी पूरा नहीं मिल पा रहा। किसान बिजाई करता है, लेकिन नहरबंदी हो जाती है। इससे किसान का बीज और खाद का पैसा बर्बाद हो जाता है। इतने में जगविंदर सिंह बोल पड़े, बॉर्डर पर जहां हर कोई जा नहीं सकता, वहां पूरी रात अवैध रूप से जिप्सम का खनन हो रहा है। इससे हमारी अंतरराष्ट्रीय सीमा असुरक्षित हो रही है। लेकिन सारा मामला मिलीभगत का होने के कारण इस खेल को कोई रोक नहीं पा रहा है। केवल पत्रिका मुद्दा उठाता है, तब कार्रवाई होती है।
दस दिन में एक बार पानी
आगे गया तो विजय खत्री मिले, बोले- चालीस साल से पेयजल की समस्या है, दस दिन में एक बार पानी आता है, टैंकर के भरोसे ही गाड़ी चल रही है। कोर्ट के गेट से निकल रहे एडवोकेट भूपेंद्रसिंह शेखावत से बात की गई तो उन्होंने नए जिले की बात छेड़ दी। वे बोले...खाजूवाला को अनूपगढ़ में शामिल करने की बात चल रही है, लेकिन यह सही नहीं होगा, इसका हम विरोध कर रहे हैं।