4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स को नहीं मिल पा रहा सरकार की इस योजना का लाभ, घट रही है बिक्री

सरकार की योजनाओं के बावजूद नहीं बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पहले तिमाही में आई गंभीर कमी सब्सिडी पाने की पात्रता खो रहे हैं वाहन निर्माता
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Pragati Vajpai

•

Updated: 8 Aug 2019, 2:29 PM IST

avon

नई दिल्ली :इलेक्ट्रिक वाहन ही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का भविष्य हैं ये बात सभी को मालूम है लेकिन इन वाहनों की बिक्री उस तरह से नहीं बढ़ रही है जैसी उम्मीद की जा रही है। ये आलम तब है जब सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तरह -तरह की स्कीम निकाल रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पहली तिमाही में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है। इसकी एक वजह सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी तरह से लोगों तक न पहुंचना हो सकता है। दरअसल खबर के मुताबिक सरकार की सब्सिडी का फायदा केवल पांच इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को ही मिल पा रहा है।

पहले से ज्यादा धांसू होंगी टाटा की ऩईTiago और Tigor JTP, इन फीचर्स से होंगी लैस

सरकार इस साल एक अप्रैल से शुरू हुई फास्टर अडप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिकल व्हीकल ऑफ इंडिया यानी फेम 2( Fame 2 ) योजना के तहत सरकार सब्सिडी के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इस योजना के तहत अथर एनर्जी, एम्पीयर, ओकिनावा, जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और हीरो इलेक्ट्रिक समेत पांच वाहन दोपहिया वाहन निर्माताओं को ही फेम-2 सब्सिडी स्कीम के तहत योग्यता प्रमाणपत्र मिला है। यानि बाकी कंपनियां जो इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स बनाती है उनको सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिलता और यही वजह है कि फेम-2 योजना की पहली तिमाही में केवल 1700 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 30 हजार यूनिट्स की बिक्री हुई थी।

पहले चरण में 18 कंपनियों को मिली थी सहायता -

फेम इंडिया स्कीम के पहले चरण में 18 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं को शामिल किया गया था । इन कंपनियों के 88 मॉडल्स को ही सब्सिडी के तहत बेचने की अनुमति मिली थी, लेकिन दूसरे चरण में तय हुए नए मानकों पर ये वाहन खरे नहीं उतरते यही वजह है कि इन्हें सरकार से वित्तीय मदद मिलनी बंद हो गई।

hyundai की नई i10 Neos को देख भूल जाएंगे Dzire और Tigor, लॉन्चिंग से पहले जाने इस कार की डीटेल

ये हैं मुख्य शर्ते-

लिथियम-आयन बैटरी है जरूरी -

फेम इंडिया योजना में शामिल होने के लिए अहम शर्त है कि दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता अपनी गाड़ियों में 50 फीसदी स्वदेशी पुर्जे लगाए और किसी व्हीकल टेस्टिंग एजेंसी से उसे प्रमाण पत्र हासिल हो। ववहीं यह फायदे उन्हीं को मिलेंगे, जिनमें लिथियम-आयन बैटरियां लगी होंगी। लेकिन हमारे देश में सिर्फ दो या तीन निर्माता ही ऐसे हैं, जो लिथियम-आयन बैटरी बना रहे हैं। हीरो इलेक्ट्रिक के चीफ एग्जीक्यूटिव सोहिन्दर गिल ने भी ये बात मानी है।

300 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाएगा टाटा मोटर्स, वीडियो में देखें पूरी खबर

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर प्रति किलोवॉट kWh बैटरी पर 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। अनुमान के मुताबिक मार्च 2022 तक फेम इंडिया योजना के तहत 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर 2 हजार करोड़ रुपये सब्सिडी के तौर पर दिए जाएंगे।