
रोगी को असहज महसूस होने पर अपने पास कोई चाहिए होता है ताकि अपनी परेशानी व जरूरत जैसे खाने की चाह या दवा के बारे में बता कर सके।
मरीज की ऐसी स्थिति जिसमें वह चलने-फिरने, बैठने-उठने या अपने नियमित कार्य करने में असमर्थ होता है, तो उसे विशेषज्ञ नर्सिंग केयर लेने की सलाह देते हैं। इस दौरान कुछ गतिविधियां मरीज के लिए जरूरी होती हैं जो उसका ध्यान रखने वाले को पता होनी चाहिए। जानें इस बारे में...
उपस्थिति महसूस कराना -
रोगी को असहज महसूस होने पर अपने पास कोई चाहिए होता है ताकि अपनी परेशानी व जरूरत जैसे खाने की चाह या दवा के बारे में बता कर सके।
स्पर्श - परिवारजन या नर्स के सपोर्ट के लिए छूने से रोगी सकारात्मक व सुरक्षित महसूस करता है। इस दौरान होने वाले आई कॉन्टैक्ट से वह अपनी बात बता देता है।
सुनना - अक्सर परिवारजन रोगी की बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। लेकिन नर्सिंग केयर में उसकी बातों को सुनने से वह खुद को रिलैक्स महसूस करता है।
पेशेंट को जानें -
परिवारजन या देखभाल के लिए रखी गई नर्स को अपने पेशेंट को जानना जरूरी है ताकि सेहत में हो रहे बदलावों को पहचानकर उपचार में बदलाव कर सकें।
सकारात्मक सोच -
कई शोधों में सामने आया है कि ईश्वर में विश्वास रखना व सकारात्मक सोच रखने से रोगी की शारीरिक और मानसिक स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।
अपनी बात रखना -
रोगी की देखभाल के दौरान नर्स इस बात को ध्यान में जरूर रखे किवह रोगी और उसके परिवार के सदस्यों से उसकी सेहत से जुड़ी अहम बातों को न छिपाए।
गोपनीयता-
सेहत में सुधार लाने के लिए जरूरी है कि मानसिक या शारीरिक रूप से आघात पहुंचाने वाली बातों को कुछ समय के लिए रोगी से गोपनीय रखे।
खुद का ख्याल रखना -
यदि रोगी खुद कुछ शारीरिक गतिविधियों को सेहत में सुधार लाने के लिए करना चाहे तो उसे मना न करें। जैसे टहलने, कुछ खाने, हाथ-पैरों का मूवमेंट आदि।
रोगी की सुरक्षा -
किसी भी तरह की तकलीफ से बचाना नर्स या घर के सदस्यों का फर्ज हो। जैसे दवाओं का सही चयन व समय पर इन्हें देना, आराम से करवट दिलाना आदि।
जागरुकता -
नर्स रोगी की केयर से जुड़ी बात व तरीका उसके परिवारजन से भी साझा करे। ताकि नर्स की अनुपस्थिति में आप भी मरीज की सही देखभाल तरीके से कर सकें।
Published on:
21 Jul 2019 06:40 pm
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