
बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर आंखों में चुभन या जलन होने लगती है और आंखें लाल हो जाती हैं।
अगर आप स्वीमिंग करना पसंद करते हैं। यह अच्छा व्यायाम है लेकिन इस दौरान आंखों का खयाल रखना जरूरी होता है।
स्वीमिंग पूल की सफाई -
पूल में कई लोग एक साथ तैरते हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पूल में क्लोरीन भी डाली जाती है। इन दोनों का प्रभाव सबसे पहले आंखों पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि पूल के पानी की नियमित साफ-सफाई की जाए।
लालिमा आने पर -
बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर आंखों में चुभन या जलन होने लगती है और आंखें लाल हो जाती हैं। कई बार उनमें से गंदा पानी भी आने लगता है जिससे कंजक्टिवाइटिस रोग हो जाता है। यदि समय रहते डॉक्टर को न दिखाया जाए तो आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। इसलिए तकलीफ होने पर फौरन नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
ग्लासेज पहनें -
बीमारी की रोकथाम उसके उपचार से बेहतर मानी जाती है। स्वीमिंग पूल में जाने से पहले ग्लासेज पहन लें, यह आपकी आंखों को न सिर्फ संक्रमण बल्कि सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से भी बचाता है।
बाद में नहाना -
तैराकी करने के बाद एक बार नहा लें। आंखों को विशेषतौर पर ताजे पानी से धोएं। अगर आप आंखों में जलन या चुभन महसूस कर रहे हैं तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनके द्वारा बताई गई दवाओं व आई ड्रॉप्स का प्रयोग करें। ध्यान रहे किसी भी प्रकार की तकलीफ में अपनी मर्जी से आई ड्रॉप का प्रयोग न करें।
Published on:
24 Feb 2019 04:34 pm
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