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डिप्रेशन में कैसे मददगार है काउंसलिंग

डिप्रेशन का दर दिन-ब-दिन लोगों में बढ़ता ही जा रहा है। भारत में सबसे ज्यादा सुसाइड डिप्रेशन के कारण ही होते है । इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि कैसे आप काउंसलर की मदद से डिप्रेशन से बाहर निकल सकते हैं

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नई दिल्ली। जिस प्रकार हमारे फिजिकल या फिर शारीरिक बीमारी का इलाज कराने के लिए हम चिकित्सक के पास जाते हैं। उसी प्रकार काउंसलर से हम अपने मानसिक बीमारी का यह मानसिक अव्यवस्था का इलाज करवा सकते हैं । काउंसलर के पास जाने में कई लोगों को आज भी झिझक होती है इसलिए आज के इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस प्रकार काउंसलिंग डिप्रेशन से निकले में हमारी साहायता करता हैं। डिप्रेशन की अवस्था में काउंसलर ही है जो हमारे दिमागी व्यवस्था को समझकर । उसके अनुसार हमें डिप्रेशन से निकालने की कोशिश करता है।

बातचीत कर
सबसे बड़ी चीज जो डिप्रेशन के समय किसी इंसान को मदद कर सकता है । वह है उससे खुले मन से बातचीत करना । आप काउंसलर के पास खुले मन से अपने विचार को रख सकते हैं। और वह पूरी धैर्य के साथ आपकी बात को सुनते हैं ।और सलाह देते हैं।

डिप्रेशन के कारण पहचानने में मदद
इंसान डिप्रेशन में चला तो जाता है । पर उसे खुद को पता नहीं होता इसके पीछे का कारण क्या है । काउंसलिंग के जरिए आप अपने डिप्रेशन के कारण को समझ सकते हैं। फिर उस पर काम करके पॉजिटिवली उससे बाहर भी आ सकते हैं।

मेडिसिन से इलाज
कभी-कभी डिप्रेशन का लेवल इतना बढ़ जाता है । कि केवल बातचीत करके या अपने मन की बात को समझा करके आप इस से बाहर नहीं निकल पाते। काउंसलर लोगों को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए मेडिसिन का भी प्रयोग करते हैं । दवाई की सहायता से आप जल्द ही डिप्रेशन से बाहर आ जाते हैं।

टॉकिंग थेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी(CBT) जैसे उपचारों का इस्तेमाल कर काउंसलर आपको डिप्रेशन से बाहर आने में मदद करते हैं।