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How To Conceive: मां बनने के लिए लें अच्छी नींद, तनाव रखें दूर

How To Conceive: मां बनना हर महिला का सपना होता है। लेकिन इन दिनों महिलाओं और पुरुषों में इंफर्टिलिटी के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, इससे एक समय बाद दांपत्य जीवन में दिक्कतें आती हैं

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How To Conceive: मां बनने के लिए लें अच्छी नींद, तनाव रखें दूर

How To Conceive: मां बनना हर महिला का सपना होता है। लेकिन इन दिनों महिलाओं और पुरुषों में इंफर्टिलिटी के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, इससे एक समय बाद दांपत्य जीवन में दिक्कतें आती हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में 10-15 फीसदी लोग इंफर्टाइल ( infertility Problem ) हैं।

तनाव से सेहत प्रभावित ( Stress Affect Fertility )
हैल्थ विशेषज्ञाें के अनुसार प्रजनन अंगों की सेहत को प्र्रभावित करने में खानपान व जीवनशैली की आदतों का बड़ा योगदान है। युवा वर्ग में देर से शादी करने या देर से फैमिली प्लान करने की प्रवृत्ति भी इसकी लिए जिम्मेदार है। साथ ही इन दिनों तनाव भी मुख्य कारण बनकर उभर रहा है।

स्त्रीरोग विशेषज्ञ के अनुसार महिलाओं के मातृत्व सुख में स्ट्रेस कई स्तर पर अवरोधक बन जाता है। जैसे -तनाव की स्थिति में यौन संबंध बनाने की इच्छा नहीं होती। खासकर महिलाओं में हर महीने ओव्यूलेशन के बाद 48 घंटों का समय अहम है, जब वे कंसीव करने के लिए सबसे ज्यादा फिट रहती हैं। इस समय के चूकने पर फिर अगले चक्र का इंतजार करना पड़ता है।तनाव से महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( Polycystic ovarian syndrome ) की समस्या हो सकती है जो इंफर्टिलिटी की बड़ी वजह है।क्रॉनिक स्ट्रेस विवाहित जोड़े को बायोकेमिकल स्तर पर प्रभावित करता है।

सावधानियां व उपाय ( How To Get Pregnant In Hindi )
नजरिया बदलें : तनाव को हावी न होने दें। जब यह आपकी नियमित दिनचर्या को प्रभावित करने लगे तो सावधान हो जाएं। ऐसी गतिविधियों में शामिल हों, जिनसे आपको खुशी मिले।

अच्छी नींद लें : नींद रीजनरेटिव होती है। इससे शारीरिक और मानसिक सुकून मिलता है। नींद की कमी हार्मोन का संतुलन बिगाड़ कर फर्टिलिटी पर बुरा असर डालती है।

रिलैक्स रहें : यदि आप कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो परेशान होकर तनाव लेने की बजाय रिलैक्स रहें। पार्टनर से अपने संबंध मजबूत रखें और घर के सभी सदस्यों के साथ हंसी-खुशी रहें। पार्टनर के साथ घूमने जाएं और एंजॉय करें। आइवीएफ ट्रीटमेंट लेने के दौरान रिलैक्स मूड में रहने से इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

साथ रहें : दंपत्तियों के बीच संबंध रिश्ते को मजबूत करता है। इससे महिला रिलैक्स होती है और तनाव व बेचैनी कम होती है।

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