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एेसे जानें क्या हमारे शरीर में है पौष्टिक तत्वों और मिनरल्स की कमी

आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी इलाज की सभी तकनीकों में शरीर के निशान देखकर बीमारी के बारे में अंदाजा लगाया जाता है।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Dec 21, 2018

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आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी इलाज की सभी तकनीकों में शरीर के निशान देखकर बीमारी के बारे में अंदाजा लगाया जाता है।

कोई भी बीमारी आने से पहले संकेत देती है, जरूरत है बस उसे पहचानने की और समय रहते उपचार करने की। आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी इलाज की सभी तकनीकों में शरीर के निशान देखकर बीमारी के बारे में अंदाजा लगाया जाता है।

हाथ -
अगर आपके हाथ अक्सर ठंडे रहते हैं तो आपके शरीर में मैगनीशियम की कमी हो सकती है। इससे हार्मोंस का असंतुलन हो सकता है, जिसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं। समय पर इसका इलाज ना हो तो मोटापा, जोइंट पेन और हृदय रोग हो सकते हैं। इसके लिए सूखे मेवे व हरी सब्जियां खाएं। हाथों में हल्के पीले निशान बीटा कैरोटिन की कमी से होते हैं। इसके लिए गाजर, मटर और ब्रोकली खाएं। बाजुओं की त्वचा अगर लंबे समय तक खुरदरी हो तो शरीर में फैटी एसिड की कमी हो सकती है। अखरोट और बादाम खाएं।

नाखून -
अक्सर हम नाखूनों पर सफेद निशान देखते हैं, ऐसा जिंक की कमी से होता है। इससे पता चलता है कि लिवर कमजोर हो रहा है। इसके लिए चना, बाजरा व दालें खाएं। बच्चों के नाखूनों पर सफेद निशान कैल्शियम की कमी से भी हो सकते हैं। दूध से बनी चीजें मक्खन, पनीर व मूंगफली खाएं। नाखून अगर बार-बार टूटते हैं तो मैगनीशियम की कमी होती है, यह थायरॉइड का भी संकेत हो सकता है। केला व हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। नाखूनों का रंग फीका हो जाए या हल्का पीलापन हो तो यह एनीमिया, डायबिटीज, लिवर या हृदय से जुड़ी समस्या का इशारा होता है। इसके लिए चुकंदर, पालक, सेब और खजूर खाएं। अगर आपके नाखून के आसपास की त्वचा सूख रही हो तो विटामिन सी, फोलिक एसिड और प्रोटीन की कमी हो सकती है। इसके लिए हरी सब्जियां, संतरा, अमरूद व ब्रोकली खाएं।

मुंह -
पेट की गड़बड़ी के अलावा अगर जीभ सफेद हो तो आयरन की कमी होती है। जीभ किसी स्वाद को महसूस नहीं कर पा रही है तो ऐसा विटामिन बी 12 या जिंक की कमी से है। मशरूम, पालक, काजू, डार्क चॉकलेट से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।

गला -
गले की सूजन थायरॉइड ग्लैंड में गड़बड़ी की ओर संकेत करती है। यह शरीर में आयोडिन की कमी का इशारा है। इसलिए स्ट्रॉबेरी, नमक, केला और फलियां खाएं।

हृदय -
दिल की धड़कन असामान्य होना या उच्च रक्तचाप मैगनीशियम और सीओ क्यू 10( कोन्जाइम क्यू 10) की कमी बताता है। यह संतरा, सेब, अंगूर, अखरोट और बादाम में होता है।

त्वचा -
अगर चेहरे पर स्ट्रेच माक्र्स हो रहे हैं तो इसका मतलब आपका शरीर जिंक की कमी से जूझ रहा है। साबुत अनाज और सूखे मेवों से यह कमी दूर हो सकती है। त्वचा का रूखा होना या पपड़ियां निकलना त्वचा के संक्रमण की बीमारी फ्रायनोडर्मा होने का इशारा है। इसके लिए गाजर, आम, हरा धनिया, ब्रोकली आदि को डाइट का हिस्सा बनाएं।

पैर -
पैरों की पिंडलियों में दर्द होना मैगनीशियम की कमी दर्शाता है।
अगर पैर हमेशा ठंडे रहते हैं तो यह थायरॉइड की वजह से हो सकता है।
आप केला व हरी पत्तेदार सब्जियां आहार में शामिल करें।