
बार-बार मूड बदलते रहने की इस आदत को 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' कहते हैं यानी मौसम बदलेगा तो मूड भी बदलेगा
कभी-कभी आप बिना बात के ही बेहद निराशा महसूस करने लगते हैं या कभी बिना किसी वजह के ही बहुत खुश नजर आते हैं। क्या कभी आपने सोचा है, ऐसा क्यों होता है? तो आइये हम बताते हैं कि आपका मूड क्यों बदलता रहता है।
बार-बार मूड बदलते रहने की इस आदत को 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' कहते हैं यानी मौसम बदलेगा तो मूड भी बदलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार एक मौसम के आदी हो चुके शरीर को दूसरे वातावरण के अनुकूल होने में समय लगता है जिससे मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। अत्यधिक नमी या आद्र्रता होने पर एकाग्रता कम होती है और आलस बढ़ने लगता है।जब तापमान बढ़ता है तो चिंता भी बढ़ने लगती है। वहीं, चटख और सुहानी धूप इंसान को आशावादी बनाती है।
विशेषज्ञ की राय
मनोचिकित्सक के अनुसार 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के कारण इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। सर्दी या बरसात जैसे 'डल सीजन व्यक्ति को ज्यादा प्रभावित करते हैं। ऐसे में अच्छा साहित्य पढ़ें, संगीत सुनें या परिवार के सदस्यों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
Published on:
04 Dec 2018 08:00 pm
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