
Know how harmful is artificial jewelry to the skin
आर्टिफिशियल ज्वेलरी से होने वाली एलर्जी मुख्य रूप से निकल (nickel) नामक धातु के कारण होती है। इसलिए एलर्जी आभूषणों से नहीं, बल्कि इनमें मौजूद निकल धातु से होती है। इन दिनों इमीटेशन ज्वैलरी का चलन है लेकिन इनमें मौजूद निकल धातु से त्वचा को काफी नुकसान होता है। अमरीकन कॉन्टैक्ट व डर्माटाइटिस सोसायटी की रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से 1 महिला को इस ज्वैलरी से स्किन एलर्जी होती है। 14 कैरेट से ज्यादा के गोल्ड से किसी तरह की एलर्जी नहीं होती क्योंकि इसमें कॉपर की मात्रा होती है, लेकिन वाइट गोल्ड से एलर्जी की आशंका बनी रहती है। कई बार आर्टफिशियल ज्वैलरी पहनने से त्वचा पर लाल चकते, खुजली, दाने, घाव या फफोले हो जाते हैं।
उपचार : त्वचा रोग विशेषज्ञ के अनुसार एलर्जी होने पर उस ज्वैलरी को न पहनें या फिर शुद्ध धातु के आभूषण पहनें। डॉक्टरी सलाह से बैरियर क्रीम या स्टेरॉइड क्रीम का स्किन पर प्रयोग ज्वैलरी पहनने से पहले करें। इस क्रीम में डाइमिटाकोन कैमिकल होता है जो त्वचा व ज्वैलरी के बीच एक परत बना देता है। अन्य उपचार डिसेंसेटाइजेशन में निकल की न्यूनतम मात्रा शरीर में इंजेक्ट की जाती है, जो ज्वैलरी की धातु का प्रभाव व्यक्ति पर नहीं पड़ने देती। एलर्जी से बचने के लिए ज्वेलरी पहनने से पहले टेलकम पाउडर लगा लें ताकि नमी को सोखा जा सकें। ज्यादा टाइट ज्वेलरी न पहनें ताकि हवा स्किन तक पहुंचती रहे। समय-समय पर आभूषणों को बदलते रहें तथा इन्हें साफ व सूखा रखें। गहनों के पीछे पारदर्शी नेल पोलिश की कई परतों को लगाकर भी एलर्जी की समस्या से बचा जा सकता है। इसके अलावा आभूषणों पर पैलेडियम धातु की कोटिंग कराकर भी त्वचा को निकल धातु के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है।
Published on:
27 Feb 2020 02:38 pm
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