
मालिश करने से बॉडी में रक्त और ऑक्सीजन का संचार बढ़ने लगता है। जिससे शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलकर मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
डिलीवरी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ना आम बात है लेकिन मसाज करके शरीर के इस अतिरिक्त बढ़े हुए वजन को कम किया जा सकता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के मुताबिक प्रसव के बाद हल्के हाथों से बॉडी मसाज से त्वचा की मांसपेशियों को टोन कर महिलाएं फिट रह सकती हैं। बॉडी मसाज से रक्तसंचार बेहतर होने के साथ तनाव घटता है, शरीर की मासपेशियों में होने वाला दर्द खत्म होता है। डिलीवरी के समय पीठ, रीढ़ की हड्डी, कूल्हें, जांघों पर बहुत ज्यादा स्ट्रेस पड़ता है। बच्चे के जन्म के बाद बॉडी की मांसपेशियां शिथिल हो जाती है, मांसपेशियों में दोबारा स्फूर्ति लाने के लिए मालिश करवाना फायदेमंद होता है। मालिश करने से बॉडी में रक्त और ऑक्सीजन का संचार बढ़ने लगता है। जिससे शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलकर मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
नुकसान -
सी सेक्शन के बाद घाव और स्ट्रेस ठीक होने तक मालिश नहीं करवानी चाहिए।
डिलीवरी के कम से कम तीन हफ्तों का अंतर होना जरूरी है। जबकि लोग नॉर्मल डिलीवरी के बाद मालिश जल्दी शुरू कर देते हैं। लेकिन एेसा नहीं करना चाहिए।
पेट के बल लेटकर पीठ की मालिश न करवाएं। पीठ की मालिश बैठकर करवाएं।
डिलीवरी के बाद मालिश करवाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
Published on:
29 Aug 2019 05:50 pm
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