
जब हम बीमार पड़ते हैं तो डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है।
फैमिली फिजिशियन यानी वो डॉक्टर जिस पर हमारा भरोसा बरसों से है। ये जरूरत पड़ने पर आपको उचित सलाह और इलाज दोनों में महत्वपूर्ण होते हैं।
जब हम बीमार पड़ते हैं तो डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है। ऐसे में यदि वह डॉक्टर फैमिली फिजिशियन हो तो बात ही कुछ और होती है। फैमिली फिजिशियन वे डॉक्टर होते हैं जो मेडिकल साइंस की जानकारी के साथ-साथ रोगी के परिवार से भी पूरी तरह से परिचित होते हैं। वे आपके परिवार, स्वभाव, मेडिकल हिस्ट्री, आर्थिक व सामाजिक स्तर की जानकारी रखते हैं। कई बार मरीज के घरवालों की अनुपस्थिति में फैमिली फिजिशियन को इलाज के संबंध में अपने स्तर पर निर्णय लेकर सहायता भी उपलब्ध करानी पड़ती है।
उचित निर्णय -
वर्तमान समय में फैमिली फिजिशियन की रोगी के उपचार में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका हो गई है। फैमिली फिजिशियन रोगी के ठीक प्रकार से उपचार के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर किसी विशेषज्ञ आदि से परामर्श लेने का उचित निर्णय करता है।
उदाहरण के लिए यदि सिरदर्द से परेशान कोई रोगी फैमिली फिजिशियन के पास जाता है तो वे प्रारंभिक जांचें करने के बाद उसे न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, नेत्र या मानसिक रोग विशेषज्ञ आदि के पास भेजने के बाद फॉलोअप भी लेते रहते हैं। इसी तरह छाती में दर्द की वजह हार्ट अटैक, मांसपेशियों में सूजन, खिंचाव, एसिडिटी, डिप्रेशन या अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में फैमिली फिजिशियन मरीज की मेडिकल हिस्ट्री से पहले से ही परिचित होने की वजह से तत्काल इलाज कर स्थिति को काबू कर लेते हैं।
Published on:
11 Mar 2019 12:49 pm
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