
आयुर्वेद में तांबे के लोटे में रखा पानी अमृत के समान माना गया है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में।
आयुर्वेद में तांबे के लोटे में रखा पानी अमृत के समान माना गया है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में।
उपयोग : तांबा या कोई भी लोटा जिससे पानी पीना है उसे जमीन पर रखने की बजाय लकड़ी की मेज या पट्टे पर रखें क्योंकि गुरुत्वाकर्षण से तांबे में मौजूद गुणकारी तत्व पानी में अवशोषित नहीं हो पाते। तांबे के लोटे में रखे पानी को सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में पी सकते हैं।
लाभ : तांबे के लोटे में पानी रातभर रखें। सुबह कुल्ला करने के बाद खाली पेट पीने से कब्ज, एसिडिटी, गॉलब्लैडर की सिकुड़न, कुष्ठ, दाद, खुजली, एग्जिमा, हृदय, लिवर व किडनी रोगों में लाभ होता है।
मात्रा व सावधानी -
इस पानी को रोजाना एक गिलास या इससे अधिक मात्रा में पी सकते हैं।
ध्यान रहे कि पानी को थोड़ा-थोड़ा कर पिएं वर्ना पेटदर्द भी हो सकता है। लोटे को रोजाना धोकर भरें। तांबे के गिलास या जग का भी प्रयोग किया जा सकता है।
Published on:
18 Feb 2019 12:33 pm
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