
पेट के बल सोना शरीर के लिए कई मायनों में राहत भरा होता है, जैसे इससे ऑक्सीजन की सप्लाई दुरुस्त होती है, लेकिन नियमित रूप से पेट के बल सोने के कुछ नुकसान भी होते हैं। इन्हें जानिए-
इसलिए है फायदेमंद
पेट के बल लेटने या सोने से स्लीप एप्निया (सोते समय थोड़ी देर के लिए अचानक से सांस रुक जाना) की समस्या में राहत मिलती है।
यदि पेट में दर्द रहता हो तो पेट के बल सोने से यह समस्या कम होती है।
खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए भी सोने की यह पोजिशन ट्राइ की जा सकती है।
गर्दन या इसके आसपास मांसपेशियों में दर्द होने या पीठ दर्द में राहत के लिए भी इस तरह सो सकते हैं।
शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाइ में सुधार होता है।
ये हैं इसके नुकसान
इससे शरीर में बेचैनी हो सकती है।
रीढ़, गर्दन, कंधे जैसे एरिया में दर्द होने पर इस तरह सोने से खिंचाव संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
एसिडिटी या खट्टी डकार में ऐसे सोने से ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
पाचन समस्याएं लगातार पेट के बल सोने से बढ़ सकती हैं।
ज्यादा समय तक पेट के बल लेटने और चेहरे पर तकिया लगाने से झुर्रियां हो जल्दी आने लगती हैं।
लचीलेपन में परेशानी हो सकती है, अत: छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों को इससे बचना चाहिए।
बेहतर नींद का तरीका
बेहतर नींद के लिए प्राकृतिक पोजिशन यानी पीठ के बल ही सोएं, लेकिन शरीर को आराम देने के लिए थोड़ी देर पेट के बल भी सो सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Aug 2023 06:52 pm
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