
छींक के दौरान नाक और मुंह से जो हवा निकलती है उसकी गति 100 मील प्रति घंटे की होती है।
कई लोगों में छींक को जबरन रोकने या फिर उस वक्त अपना नाक दबा लेने की आदत होती है। चिकित्सकों की मानें तो ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। छींक के दौरान नाक और मुंह से जो हवा निकलती है उसकी गति 100 मील प्रति घंटे की होती है। ऐसे में उसे जबरन रोकने से नाक की कार्टिलेज में फैक्चर होने, नाक से खून आने, कान का पर्दे फटने, सुनाई न देने, चक्कर आने, आंखों पर दबाव पड़ने से रेटिना क्षतिग्रस्त होने और चेहरे पर सूजन आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए छींक आने पर नाक और मुंह के सामने रुमाल या टिशू पेपर रख सकते हैं लेकिन छींक को आने से रोकने की गलती कभी न करें।
कई बार ऐसा होता है कि छींक रोकने की वजह से आंखों की रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं। इसके अलावा छींक रोकने से गर्दन में भी मोच आ सकती है। कुछ मामलों में छींक रोकने से दिल का दौरा पड़ने की आशंका भी रहती ही है।
Updated on:
26 Jul 2019 06:49 pm
Published on:
27 Jul 2019 09:14 am
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